कवि सम्मेलन के मंच पर आसीन कवि
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देशभक्ति से ओतप्रोत सुनाईं कविताएं
असद महताब ने अपनी रचना सुनाते हुए कहा, "ये संतों की जमीन है, जहां हिंदुस्तान बसता है। कहीं पर राम बसता है, कहीं रहमान बसता है।" कवि उपेंद्र पांडेय ने भी अपनी कविता से श्रोताओं को भावविभोर किया। उन्होंने सुनाया, "निगाहें झुकती हैं सजदे में, वहां सम्मान क्या होगा। सरहदों पर जान लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा, तिरंगा खुद लिपटकर करने दे आराम, इससे बड़ा इनाम क्या होगा।"
अमित शुक्ला ने सुनाया "लिपटकर तिरंगे में जां सो रही थी, उधर भारती मां बहुत रो रही थी।" सुदीप भोला ने सुनाया "वतन की देहरी के प्रहरी सो गए नींद गहरी, तिरंगा ओढ़ के वो सोये मीठे सपनों में खोये। ना जाने कब से उन्होंने किया नहीं आराम, जलाये एक दिया हम उन वीरों के नाम।"
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, विधायक मीरगंज डीसी वर्मा, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ राघवेंद्र शर्मा, एडीजी रमित शर्मा, डीएम अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह, एडीएम नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।