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एक शाम शहीदों के नाम: बरेली में कवियों ने अपनी रचनाओं से बिखेरे देशभक्ति के रंग, अमर बलिदानियों को किया नमन

Sun, 16 Aug 2026 05:29 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कवि सम्मेलन आयोजित किया। इसमें कवियों ने अपनी राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 
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जीआईसी ऑडिटोरियम में हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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बरेली में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने ‘एक शाम शहीदों के नाम’ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पं. राधेश्याम कथावाचक सभागार (जीआईसी ऑडिटोरियम) में 15 अगस्त को हुआ। कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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कार्यक्रम का शुभारंभ शुभम त्यागी ने सरस्वती वंदना से किया। कवि सम्मेलन में राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति और देश की एकता-अखंडता से जुड़ी रचनाओं का प्रभावशाली काव्य पाठ किया गया। कवियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं में देशभक्ति की भावना का संचार किया। इस दौरान शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद किया गया। उनके आदर्शों पर चलने का संदेश भी दिया गया। 

मनवीर मधुर और रोहित राकेश ने कार्यक्रम का संचालन किया। सुदीप भोला, मनवीर मधुर, शुभम त्यागी, उपेंद्र पांडे, असद मेहताब, मुकेश कमल, अमित शुक्ला और रोहित राकेश सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं। उनकी ओजस्वी कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस की गरिमा को और अधिक भावपूर्ण बनाया।

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कवि सम्मेलन के मंच पर आसीन कवि - फोटो : सूचना विभाग
देशभक्ति से ओतप्रोत सुनाईं कविताएं 
असद महताब ने अपनी रचना सुनाते हुए कहा, "ये संतों की जमीन है, जहां हिंदुस्तान बसता है। कहीं पर राम बसता है, कहीं रहमान बसता है।" कवि उपेंद्र पांडेय ने भी अपनी कविता से श्रोताओं को भावविभोर किया। उन्होंने सुनाया, "निगाहें झुकती हैं सजदे में, वहां सम्मान क्या होगा। सरहदों पर जान लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा, तिरंगा खुद लिपटकर करने दे आराम, इससे बड़ा इनाम क्या होगा।"

अमित शुक्ला ने सुनाया "लिपटकर तिरंगे में जां सो रही थी, उधर भारती मां बहुत रो रही थी।" सुदीप भोला ने सुनाया "वतन की देहरी के प्रहरी सो गए नींद गहरी, तिरंगा ओढ़ के वो सोये मीठे सपनों में खोये। ना जाने कब से उन्होंने किया नहीं आराम, जलाये एक दिया हम उन वीरों के नाम।" 
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गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर सांसद बरेली छत्रपाल गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, विधायक मीरगंज डीसी वर्मा, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ राघवेंद्र शर्मा, एडीजी रमित शर्मा, डीएम अविनाश सिंह, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, एडीएम (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह, एडीएम नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।
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