गैस सब्सिडी की तर्ज पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अधिक आमदनी वालों को सरकार ने सलाह दी है कि वह एपीएल में आते हैं तो अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें। क्योंकि यह खाद्यान गरीबों के लिए है। जून के महीने में लखनऊ से भेजी जाने वाली टीम घरों पर जांच के दौरान अमीरों के यहां पाए जाने वाले गरीबों के राशन कार्ड पकड़कर उनको निरस्त करेगी। उस दौरान आपके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। इसीलिए आपूर्ति विभाग में इन कार्ड को सरेंडर कर दें और एपीएल का नया आन लाइन राशन कार्ड बनवाएं।
इसी महीने पहले झांसी और लखनऊ मंडल में दूसरे जिलों की टीम से घरों में राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया तो काफी मात्रा में अमीरों के यहां गरीबों वाले राशन कार्ड मिले। जांच रिपोर्ट के आधार पर राशन कार्ड निरस्त तो हुए ही कार्ड धारकों पर कार्रवाई भी हुई। आपूर्ति निरीक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। उसी के बाद बरेली, आगरा, मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ, गोरखपुर मंडलों में घर-घर कार्डों की जांच का निर्णय लिया गया है। यह सत्यापन दूसरे जिलों की टीम करेगी। इससे पहले मई तक इन कार्डों को सरेंडर कराने के निर्देश दिए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार बरेली सहित 56 जिलों में गरीबों के नाम के राशन कार्ड अमीरों ने बनवा लिए हैं। इनमें से बरेली के करीब 25 हजार परिवार बताए जा रहे हैं।
इनको नहीं मिलेगा गरीबों का राशन
शहरी क्षेत्र में आमदनी तीन लाख और ग्रामीण में दो लाख वालों राशन का लाभ नहीं मिलेगा। इनके अलावा चार पहिया वाहन, घर- दुकान में एसी, जेनरेटर तथा 100 वर्गमीटर और उसके अधिक जमीन में मकान। इनमें से कोई भी है तो आपको खाद्य सुरक्षा के नियमों वाला खाद्यान नहीं मिलेगा।