फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्मैक तस्कर छोटे खां पर पिट एनडीपीएस की कार्रवाई को शासन ने दी मंजूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। स्मैक तस्कर गैंगस्टर शहीद खां उर्फ छोटे को ड्रग माफिया घोषित करने के बाद शासन ने उसके खिलाफ पिट एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम, 1988) की कार्रवाई के लिए भी मंजूरी दे दी है। पुलिस ने छोटे खां के खिलाफ पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की संस्तुति कर फाइल डीएम और फिर कमिश्नर के माध्यम से सासन को भेजी थी। इस पर गृह सचिव ने मुहर लगा दी है। अब एक साल से पहले ड्रग माफिया छोटे बाहर नहीं आ सकेगा।
विज्ञापन

पुलिस ने पिछले साल फतेहगंज पूर्वी के गांव पढे़रा के तत्कालीन प्रधान शहीद खां उर्फ छोटे खां और उसके भतीजे सैफ उर्फ राजू को 20 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला था कि छोटे खां का पूरा कुनबा ही स्मैक की तस्करी में सलिप्त है। इसके बाद पुलिस ने छोटे खां और उसके भतीजे सैफ के साथ ही भाई सलीम, पार्टनर फैयाज, पूर्व प्रधान अशफाक, इस्लाम, उसकी पत्नी तरीकत और कामिनी समेत 25 लोगों को नामजद किया। सभी को एक-एक कर जेल भेजा गया। पुलिस ने ड्रग माफिया छोटे की 50.99 करोड़ की संपत्ति भी सीज कर दी। इसके अलावा बैटरी फैक्टरी, इस्लाम के नकटिया स्थित मार्केट, उमरिया स्थित मकान और अशफाक के घर पर बुलडोजर चला दिया।
इसके बाद पुलिस ने छोटे खां के खिलाफ पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की संस्तुति कर फाइल डीएम को भेज दी। डीएम ने भी इस पर संस्तुति कर दी और फाइल कमिश्नर को भेज दी। कमिश्नर ने अपनी संस्तुति के साथ फाइल मंजूरी के लिए शासन को भेज दी। गृह सचिव ने अब छोटे के खिलाफ पिट एनडीपीएस की कार्रवाई की मंजूरी दे दी है। अब छोटे खां किसी भी हाल में एक साल से पहले जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।
विज्ञापन

प्रदेश में किसी तस्कर के खिलाफ पहली कार्रवाई
छोटे खां पर पिट एनडीपीएस के खिलाफ हुई कार्रवाई प्रदेश में किसी तस्कर के खिलाफ पहली कार्रवाई बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अभी तक इस अधिनियम के तहत प्रदेश में किसी और तस्कर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
एनएसए की तरह होती है पिट एनडीपीएस
पुलिस के मुताबिक, पिट एनडीपीएस का प्रावधान राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) जैसा ही होता है। इसमें आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती है। आरोपी पर जो मुकदमा चल रहा होता है, उसमेंजमानत मिलने के बाद भी वह जेल से तभी छूट पाता है जब उसे पिट एनडीपीएस में जमानत मिल जाती है। हालांकि इस तरह की कार्रवाई में पुलिस को भी काफी समय लगता है।
ड्रग माफिया छोटे खां के खिलाफ पिट एनडीपीएस की शासन से मंजूरी मिल गई है। अब अन्य तस्करों पर भी इसी तरह शिकंजा कसा जाएगा। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें