किसी एप से न लें लोन तो बेहतर
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी लोन एप को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। इनसे बिना जानकारी लोन लेने को जोखिम भरा बताया है। यूपी पुलिस ने भी कुछ समय पहले 240 चाइनीज लोन एप की सूची जारी कर इनसे लेनदेन न करने का अलर्ट जारी किया था। जानकारों के मुताबिक अधिकतर लोन एप गैरकानूनी तौर पर काम कर रहे हैं। लोगों से लोन के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी लेकर ये एप लोगों के अकाउंट को ब्लॉक कर रहे हैं। बाद में लोगों के निजी डॉक्यूमेंट एडिट करके सार्वजनिक करने के बहाने उनको ब्लैकमेल भी कर रहे हैं। बेहतर यही है कि लोग किसी भी एप से लोन न लें।
थ्री डॉट्स से परखें एप का डाटा
साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज कुमार के मुताबिक किसी भी लोन एप का इस्तेमाल करने से पहले उसके बारे में पड़ताल कर लें। आरबीआई की वेबसाइट पर उसका डाटा परख लें। एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) की सूची में जाकर स्थिति चेक कर सकते हैं। इसके अलावा सभी एप की तरह इनमें भी किनारे पर आ रहे थ्री डॉट (तीन बिंदुओं) पर क्लिक करके इन एप की हिस्ट्री देखी जा सकती है। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि एप किस देश का है। चाइनीज हो तो कतई लेनदेन नहीं करना चाहिए। भारतीय एप होने पर लोग अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे खतरा भारतीय एप होने की स्थिति में भी बना रहता है।
लुभावने विज्ञापन देखकर फंसते हैं लोग
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सैकड़ों लोन एप के विज्ञापन आते रहते हैं। यहां बिना कागजी खानापूरी के बड़ा लोन देने का वादा किया जाता है। कई लुभावने वादे किए जाते हैं। एप डाउनलोड करने पर निजी डिटेल का एक्सेस ले लिया जाता है। इनमें लोगों के फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट, मैसेज, लोकेशन, गैलरी आदि की अनुमति शामिल होती है। लुभावने वादों के बाद भी दस हजार रुपये से ज्यादा लोन नहीं दिया जाता है। बाद में लोग मुसीबत में फंसते चले जाते हैं। उन्हें गालियां दी जाती हैं और निजता भंग करने की कोशिश होती है।
आईजी रेंज डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि त्योहार पर तरह-तरह के ऑफर व लोन के बहाने साइबर ठग लोगों को लुभाने की कोशिश करते हैं। लोगों को इनसे सावधान रहना चाहिए। किसी को निजी जानकारी न दें। ठगी होते ही तत्काल पुलिस से शिकायत करें।