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राजेंद्र नगर में पुलिस से परेशान हैं लोग, इंद्रानगर में वीआईपी दौरों पर खुल जाता गेट

Sun, 09 Aug 2020 01:45 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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राजेंद्र नगर स्थित मॉडल रोड पर पुलिस कर रही आने-जाने वालों की सघनता से जांच। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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रोजमर्रा की चीजों के लिए दो किलोमीटर तक पैदल चल रहे लोग

बरेली। शहर की पॉश कॉलोनी राजेंद्र नगर, डीडीपुरम, इंद्रा नगर में लोग पुलिस के रवैये से परेशान हैं। राजेंद्र नगर मॉडल रोड पर पुलिस किसी भी वाहन को रोक लेती है और उसे नियम कानून समझाने में दस-दस मिनट तक लगा देती है। इतनी देर तक वहां जाम लग जाता है। लंबी कतार में दोपहिया वाहन चालक गर्मी में परेशान हो रहे हैं। कई जगहों पर पर बैरीकैडिंग पर बैठी पुलिस एक तरफ से जाने देती है लेकिन लौटने पर कालोनी के लोगों को घुसने नहीं दे रही है। इससे लोगों के सामने समस्या बनी हुई है।
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इंद्रा नगर में मुख्य गेट को बैरियर लगाकर बंद कर रखा है, लेकिन शहर में वीवीआईपी दौरे पर उसे खोल दिया जाता है। मुख्यमंत्री के दौरे के समय और इससे पहले नोडल अधिकारी के दौरे पर खुला था। शनिवार सुबह फिर बंद कर दिया गया। कालोनी के लोगों का कहना है कि डब्ल्यूएचओ के मानकों के तहत सिर्फ कोविड प्रभावित क्षेत्र को सील करना चाहिए। पुलिस पूरा इलाका क्यों सील करती है। ऐसे में तो फिर रहना दूभर हो जाएगा। बता दें कि कुछ दिन पहले ही यहां रहने वाले डाक्टरों और नौकरीपेशा लोगों को को देर शाम घर लौटते समय एसपी सिटी ने कालोनी के गेट पर रोक लिया था। इसे लेकर स्थानीय लोगों की एसपी सिटी से तकरार भी हुई थी। लेकिन पुलिस का मिजाज यहां अभी भी वही बना हुआ है। राजेंद्र नगर मॉडल रोड का एक तरफ का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन यहां हर वाहन से पूछताछ में पुलिस काफी समय ले रही है। इस रोड की सर्विस लेन बंद है। सिलेक्शन प्वाइंट चौराहे से एटीएम वाली साइड और शील चौराहे पर गुरुद्वारे वाली साइड खुली हुई है।

राजेंद्र नगर, मॉडल रोड

यहां सर्विस लेन बंद है। एक तरफ का रास्ता खोल दिया गया है, लेकिन पुलिस हर वाहन चालक से पूछताछ में लंबा समय ले रही है। इससे लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि जो लोग दवा का पर्चा पहले से हाथ में पकड़ कर दिखा रहे हैं उनका भी समय पूछताछ में खराब किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान वाहनों की लंबी कतार भी लग रही है। इससे धूप से भी लोग परेशान होते हैं। विरोध जताने वालों को गेट से वापस भी कर दिया जाता है। इसी तरह झूलेलाल द्वार से अस्पताल जा रहे लोग भी पुलिस की टोकाटाकी से परेशान हैं। जो हाथ में दवाई दिखाता है, उसका वाहन बाहर ही खड़ा कराकर पैदल भेज दिया जाता है। जोगिंदर पाल सिंह बताते हैं कि पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। यदि कोई दवाई लेने या फिर दूसरे किसी जरूरी काम से जा रहा है। तो ऐसे में उसे जाने देना चाहिए। यदि ऐसे इलाके को सील कर दिन भर कार्रवाई और पूछताछ के नाम पर लोगों को परेशान किया जाएगा तो कालोनी वालों के सामने और दिक्कतें आ जाएंगी।

इंद्रा नगर

यहां का मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। कुछ दिन पहले जब नोडल अधिकारी आए थे तो इस गेट से बैरीकैडिंग हटा दी गई थी। करीब चार दिन बाद फिर लगा दी गई। ऐसे ही शुक्रवार को मुख्यमंत्री के दौरे पर भी हटा दी गई और अब फिर लगा दी गई है। कालोनी वालों का कहना है कि यहां से पैदल जाने और बाइक निकालने की अनुमति मांगी है जिससे मरीज और जरूरतमंद लोग निकल सकें। लेकिन पुलिस उन्हें भी नहीं निकलने दे रही है। रवि यादव ने बताया कि उनकी बाइक पंचर हो गई है। बैरियर के निकलते ही पंचर की दुकान है। निकलने की अनुमति मांगी लेकिन पुलिस ने साफ इनकार कर दिया। कहा कि दिक्कत यह है कि अब उन्हें करीब दो किलोमीटर तक डीडीपुरम की कालोनी से निकलते हुए फिर इधर की ओर ही आना है। ऐसे में दिक्कतें बढ़ती हैं। वहीं संजू कटियार ने बताया कि उनका इलाज चल रहा है। वह करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर आ रही हैं। कालोनी में सब मरीज नहीं है। ऐसे में पुलिस को चिंहित कर छूट देनी चाहिए। जिससे रोजमर्रा के कामों में दिक्कत न आए।

डीडीपुरम

यहां कालोनी का एक तरफ का गेट खोला गया है। छोटा गेट खुला होने के कारण सिर्फ पैदल चलने वाले लोग ही यहां से निकल पा रहे हैं। कई लोग छोटे गेट से बाइक भी उठाकर निकाल रहे हैं। बेटे के साथ फल व सब्जी लेकर लौट रहे आरसी खन्ना ने बताया कि पुलिस के रवैये से सभी परेशान है। कहा कि वह शुक्रवार को स्कूटर लेकर कालोनी के पीछे की ओर से निकले उस समय पुलिस ने उन्हें जाने दिया लेकिन जब वह दूध लेकर दस मिनट में ही लौटे तो पुलिस ने उन्हें अंदर ही नहीं आने दिया। जब उन्होंने अधिक कहा तो कहा कि आप पर्ची कटाओ तब जाने देंगे। उन्होंने कहा कि वह मास्क, हेलमेट सभी पहने हुए तो क्यों कटाएं पर्ची। काफी देर तक बहस करने के बाद भी पुलिस ने घुसने नहीं दिया। इसके बाद वह माडॅल रोड के पास के गेट से कालोनी में आए और उसके बाद सब्जी या अन्य चीजे लेने पैदल ही जाते हैं।
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