बरेली। कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के आईडीएसपी सेल ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड हेल्पडेस्क सक्रिय करने और संदिग्ध लक्षणों वाले मरीजों की जांच के निर्देश दिए हैं।
आईडीएसपी सेल प्रभारी डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक, संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए हेल्पडेस्क सक्रिय करने और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस (सारी), इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई), इम्युनोकॉंप्रोमाइज्ड, कैंसर, को-मॉर्बिडिटीज, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों की सघन निगरानी की जाएगी। लक्षण मिलने पर एंटीजन जांच होगी। रिपाेर्ट पॉजिटिव आने और सीटी वैल्यू 25 से कम मिलने पर जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी। इससे कोरोना के स्ट्रेन का पता चल सकेगा। रैपिड रिस्पॉन्स टीम भी सक्रिय की जाएगी।
बताया कि अगर मरीजों की संख्या ज्यादा हुई तो दूसरे राज्यों से शहर में आने वाले लोगों की जांच के लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों व एयरपोर्ट पर काउंटर लगाए जाएंगे। रोज मरीजों की रिपोर्ट यूडीएसपी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। संक्रमित होम आइसोलेट होंगे। ब्यूरो
घबराएं नहीं, मामूली लक्षणों का इलाज मुमकिन
डॉ. अब्बास के मुताबिक, वायरस के मौजूदा स्ट्रेन से मजबूत प्रतिरोधक क्षमता वालों को घबराने की जरूरत नहीं। हालांकि, जो पूर्व में गंभीर रोगों से ग्रसित रहे हैं, उन्हें आवागमन के दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी। संदिग्ध लक्षण वाले लोगों से दो गज की दूरी बनाएं। हाथों को सैनिटाइज किए बिना चेहरे को न छुएं। विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श पर ही दवा लें।