बरेली। चार दिन से रात में हो रही बारिश और दिनभर धूप से हावी उमस से वायरल बुखार, त्वचा रोग के मरीज अस्पतालों की ओपीडी में बढ़ गए हैं। बीते दिनों तीन सौ पर सिमट रही फिजिशियन, त्वचा रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में करीब 20 फीसदी की बढ़त हुई है।
वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभवुन प्रसाद के मुताबिक बारिश के मौसम में त्वचा रोग जैसे फंगल, बैक्टीरियल इंफेक्शन, एलर्जी, दाद, खुजली आदि की समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसकी वजह उच्च आर्द्रता और पसीना होता है। वहीं, बारिश के पानी में मौजूद प्रदूषक और नमी से त्वचा में एलर्जी होती है, जो लाल चकत्ते या सूजन के रूप में उभर सकती है। नमी से मेलेनिन बनने की प्रक्रिया से हाइपरपिग्मेंटेशन भी हो सकता है।
बचाव के लिए लोगों को प्रतिदिन नहाना चाहिए। बारिश से भीग गए हैं तो भी साफ पानी से नहाएं। त्वचा को सूखा रखें। सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना सूख जाए। फंगल संक्रमण हो तो एंटीफंगल पाउडर, क्रीम लगाएं। पर्याप्त पानी पीते रहें। विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर भोजन करें। ब्यूरो