कोरोना की संभावित चौथी लहर से पहले बच्चों को सुरक्षा कवच प्रदान करना शासन का लक्ष्य है। अभिभावक बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर लेकर पहुंचने लगे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। हालात फिलहाल सुधरते भी नहीं दिख रहे हैं। अभिभावकों को अभी कुछ दिन तक और केंद्रों के चक्कर काटने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मी मिशन इंद्रधनुष में जुटे हैं। इसके थमने के बाद ही बच्चों को कोविड वैक्सीन लगाने के लिए केंद्र निर्धारित होंगे।
बच्चों और किशोरों को सुरक्षा कवच से लैस करने की मुहिम चल रही है, लेकिन इस मुहिम में वैक्सीन की बर्बादी रोकने के लिए जारी किया गया स्वास्थ्य विभाग का फरमान ही अड़चन बना हुआ है। दरअसल, टीकाकरण केंद्रों पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन बर्बाद होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लिहाजा, केंद्रों पर वैक्सीन की वॉयल तभी खोली जाती है, जब निर्धारित डोज के हिसाब से वैक्सीन लगवाने वाले मौजूद हों। संख्या कम होने पर वैक्सीनेशन नहीं किया जा रहा है। लिहाजा लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए एक से दूसरे केंद्र की दौड़ लगानी पड़ रही है।
प्रतिदिन सामने आ रही शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 12 से 14 साल तक के बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए केंद्र निर्धारण की योजना बनाई थी, ताकि अभिभावकों को बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए भटकना न पड़े। हालांकि तीन दिन गुजरने के बाद भी केंद्र निर्धारित नहीं हो सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि आईएमआई मिशन इंद्रधनुश के तहत चल रहे टीकाकरण अभियान के बाद ही केंद्र निर्धारित होंगे।
सभी स्वास्थ्यकर्मी आईएमआई में व्यस्त
प्रभारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. केसी जोशी के मुताबिक शासन के निर्देश पर आईएमआई कार्यक्रम चल रहा है। आशा, एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो घर-घर पहुंचकर टीकाकरण कर रही हैं। केंद्र निर्धारित करने के लिए स्टाफ की कमी है। मामले पर उच्चाधिकारियों से हुई बातचीत में उन्होंने आईएमआई कार्यक्रम समाप्त होने के बाद केंद्र निर्धारित करने पर सहमति जताई है। उन्होंने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर किन्हीं वजहों से वैक्सीन न लगने पर शहर के जिला एवं महिला अस्पताल के प्रमुख टीकाकरण केंद्रों पर 12 से 14 साल तक के बच्चों के वैक्सीनेशन कराने की अपील अभिभावक से की है।
14 सौ सैंपल की जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव
बरेली। बीते 24 घंटे में आरटीपीसीआर, एंटीजन, ट्रूनेट से प्राप्त करीब 1250 सैंपल की जांच में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं मिला है। आईडीएसपी इंचार्ज एवं सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक शुक्रवार को एक संक्रमित का होम आइसोलेशन ओवर होने के बाद अब जिले में तीन केस सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग की एमएमयू, स्टेटिक टीम और सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है। ब्यूरो