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UP: झोलाछाप का बिल चुकाने के लिए बेच दी नवजात बेटी, पुलिस ने दंपती को वापस दिलाई मासूम

Sat, 22 Jun 2024 10:08 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के जलालाबाद में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने सात हजार में नवजात बेटी को बेच दिया। इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने आर्थिक सहयोग कर दंपती को नवजात बच्ची वापस दिलाई। 
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मासूम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : FreePik
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विस्तार
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शाहजहांपुर के जलालाबाद में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां झोलाछाप का बिल न चुका पाने पर दंपती ने अपनी नवजात बेटी को सात हजार रुपये में बेच दिया। मामला थाने पहुंचा, इसके बाद पुलिस ने आर्थिक सहयोग कर बच्ची उसके माता-पिता को वापस दिला दी। 

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अल्हागंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार दोपहर उसका पति जलालाबाद ले आया था। बताते हैं कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते पति ने सराय साधौ मोड़ के पास अवैध रूप से क्लीनिक चलाने वाली बंगाली महिला के पास उसको भर्ती करा दिया। शाम को महिला ने बच्ची की जन्म दिया। 

पान बेचने वाले ने खरीदी थी बच्ची 
बताते हैं कि अस्पताल से छुट्टी करने से पहले दंपती को सात हजार रुपये का बिल दिया गया। आर्थिक हालात ठीक न होने के कारण बिल भुगतान करने से असमर्थता जताते हुए कहा कि वे किसी जरूरतमंद को बेटी दे देंगे। वही व्यक्ति बिल चुकता कर दे। पास में ही पान की दुकान चलाने वाले के यहां काम करने वाले एक व्यक्ति के कोई संतान नहीं थी। 

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अवैध क्लीनिक चलाने वाली महिला ने उससे बात की। व्यक्ति के तैयार होने पर उसे बच्ची दे दी। उसने बिल भी चुका दिया। वहां से लौटने के बाद महिला का मन बदल गया। वह पति के साथ थाने पहुंची गई और शिकायत की कि अस्पताल वालों ने उसकी बच्ची किसी व्यक्ति को दे दी। 

दंपती ने स्वीकार की गलती 
मामला संदिग्ध देख इंस्पेक्टर हरिपाल बालियान ने उस व्यक्ति को बुलवाया। तब पूरी हकीकत सामने आई और उस दंपती ने अपनी गलती स्वीकार की। पुलिस ने बच्ची को वापस दिला दिया है। महिला के दो बेटियां पहले से ही हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि दंपती काफी गरीब हैं। उन्हें आर्थिक सहयोग दिया गया। दोनों पक्ष कार्रवाई नहीं चाहते थे।
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