बरेली के श्यामगंज में शुक्रवार शाम को बवाल हो गया। दोपहर के वक्त आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने देश में मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी देकर विरोध जताया। गिरफ्तारी से पहले वह इस्लामिया मैदान के पास आला हजरत मस्जिद पहुंचे। यहां उन्होंने जुमे की नमाज अदा की।
मौलाना तौकीर रजा के समर्थन में भारी भीड़ जुटी। भीड़ ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। बाद में मौलाना की अपील के बाद भीड़ वहां से चली गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाम करीब चार बजे श्यामगंज में अराजकतत्वों की भीड़ ने बवाल कर दिया। भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ की। इससे बाजार में दहशत फैल गई।
नारेबाजी करते हुई आई भीड़
साहू गोपीनाथ स्कूल की ओर से डेढ़ से दो हजार लोग नारेबाजी करते हुए श्यामगंज पुल के नीचे पहुंचे और दुकानदारों पर हमलावर हो गए। आनन-फानन में दुकानों के शटर गिरने लगे। सड़क पर खड़ी बाइकों को गिराते हुए भीड़ आगे बढ़ी। बुजुर्ग दुकानदार हरप्रीत सिंह को पीट दिया। यह भी आरोप है कि दुकानों ने आगजनी की कोशिश की गई।
श्यामगंज चौराहे पर मौजूद दुकानदार राजीव ने बताया कि भीड़ को हंगामा करते देख दुकानदारों ने शटर गिराने शुरू कर दिए। श्यामगंज चौराहे से कुछ पुलिसकर्मी पिलर नंबर सात के पास पहुंचे और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की तो वे शाहदाना की ओर मुड़ गए। पिलर नंबर 10 के नीचे फूलों की दुकान लगाए बैठे शिवम को 18-20 लोगों ने पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह भागकर उसने जान बचाई।
भीड़ ने बाइक सवार को पीटा
श्यामगंज में मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के सामने भीड़ ने एक बाइक सवार को रोक लिया। उस पर सवार दो युवकों की पिटाई कर दी। दोनों ने भागकर जान बचाई। भीड़ ने बाइक में तोड़फोड़ कर दी। पथराव भी किया, जिससे तीन लोग जख्मी हो गए। सूचना मिलते ही डीएम रविंद्र कुमार, एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान समेत तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि पथराव में दो-तीन लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालकों ने परिसर से हटवाए ट्रक
श्यामगंज में माहौल बिगड़ने और पुलिस की ओर से भीड़ को तितर-बितर करने की सूचना पर मालियों की पुलिया स्थित पेट्रोल पंप संचालक घबरा गए। वे परिसर में खड़े ट्रक व अन्य वाहन को उनके चालकों से बाहर कहीं और ले जाने का दबाव बनाने लगे। तर्क दिया कि उग्र भीड़ ने अगर पंप पर कोई घटना की तो बड़ा हादसा होने की आशंका है।
स्कूलों की छुट्टी के मैसेज से घबराए अभिभावक
मौखिक निर्देश पर स्कूलों में छुट्टी कर दी गई तो शहर में माहौल गरमा गया। अचानक बच्चों को घर ले जाने का मैसेज आया तो अभिभावक भी चौंक गए। तमाम लोग पुलिस और मीडिया के लोगों को कॉल करके सच जानने लगे। बाजार बंद होने को लेकर भी चर्चा रही। हालांकि बाद में लोगों को हकीकत पता लगी।