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डेंगू को जानलेवा बना सकती हैं दर्द निवारक दवा

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ओपीडी के बाहर अपनी मां की गोद में सोता एक बच्चा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट, कहा- इन दवाओं से डेंगू पीड़ित में तेजी से कम होती हैं प्लेटलेट्स

बरेली। बुखार में डॉक्टर के परामर्श के बगैर दवा खाना खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर डेंगू के केस में शरीर दर्द से बचने के लिए दर्द निवारक दवाएं खाने से प्लेटलेट्स तेजी से कम होती है और किडनी पर भी असर पड़ता है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बारे में एडवाइजरी जारी की गई है। सीएमओ डॉ. बलबीर ने बताया कि डेंगू के मरीज को तेज बुखार के साथ शरीर के कई अंगों में तेज दर्द होता है मगर दर्द निवारक दवा का प्रयोग कदापि नहीं करना चाहिए। मलेरिया की दवा भी डेंगू में निष्प्रभावी होती है। उन्होंने कहा कि बुखार के मरीजों को जांच कराने के बाद चिकित्सीय परामर्श के मुताबिक ही दवाएं खानी चाहिए। एस्प्रिन, डेकाड्रान, कर्टीसोन जैसी बुखार और दर्द की मिश्रित दवा का सेवन भी बेहद हानिकारक हो सकता है। जांच की रिपोर्ट आने तक सिर्फ पैरासीटामाल का सेवन किया जा सकता है।

हवादार कमरे में मच्छरदानी लगाकर रहे डेंगू मरीज

डेंगू के मरीज अगर घर पर रहना चाहते हैं तो उन्हें हवादार मगर जाली लगी खिड़की-दरवाजों वाले कमरे में ही रखा जाना चाहिए। उन्हें मच्छरदानी भी लगानी चाहिए और कम से कम बाहर निकलना चाहिए ताकि परिवार में और लोग डेंगू संक्रमित न हों। घर के पास छायादार स्थल पर नमी न होने दें। मनी प्लांट के गमले कमरों से बाहर रखें ताकि लार्वा पनपने की आशंका न रहे।

दिन में काटता है डेंगू का मच्छर

जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह के मुताबिक एडीज मच्छर डेंगू रोग का वाहक है जो दिन में काटता है। मच्छर डेंगू मरीज को काटने के बाद अगर स्वस्थ मनुष्य को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता है। तेज बुखार के साथ बदन, सिर, जोड़ों और आंखों के गोलों में दर्द के साथ शरीर पर लाल दाने व चकत्ते, नाक-मुंह और मसूढ़ों से खून रिसना, प्लेटलेट काउंट एक लाख से कम होना डेंगू के लक्षण है। डेंगू से बचाव की कोई वैक्सीन नहीं है।

डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के सुझाव

  • - घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें, शरीर पर मच्छर निरोधक औषधि, नीम तेल, सरसों का तेल लगाएं।
  • - कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, फ्रिज, ड्रिप पैन, घड़े का पानी नियमित बदलें ताकि उसमें मच्छर अंडे न दे सकें।
  • - घर के पास जहां पानी इकट्ठा होता है, वहां मिट्टी के तेल की कुछ बूंदे या फिर जला मोबिल ऑयल डाल दें।
  • - बुखार होने पर पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं, निजी लैब की जांच रिपोर्ट की सूचना दें।
  • - डेंगू की पुष्टि होने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दें ताकि प्रभावित क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव हो।
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