बिल्डिंग मैटेरियल वाला सरकारी गोदाम
बरेली। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ अफसरों ने करोड़ों रुपये की कीमती जमीन पर गोदाम किराए देने के नाम पर कब्जा करा दिया। प्र्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने एक गांव में चौपाल करने का निर्णय लिया तो अफसरों की धड़कनें बढ़ गई। क्योंकि पीलीभीत बाईपास से ही उनका काफिला गुजरना था और इसी रास्ते में कब्जा किया हुआ गोदाम है। इस पर जिला प्रबंधक ने आननफानन में गोदाम पर लिखा कब्जेदार फर्म का नाम पुतवा दिया।
पीलीभीत बाईपास स्थित अनाज समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने के लिए उपभोक्ता सहकारी संघ का गोदाम है। विभाग ने कुछ समय पहले यह गोदाम एक निजी फर्म को किराए पर दिया था। शांति इंडस्ट्रीज नामक इस फर्म ने जिला प्रबंधक कार्यालय की मिलीभगत से गोदाम के साथ ही इसके परिसर की करोड़ों रुपये की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। साथ ही इस फर्म ने अपने कारोबार के प्रचार के लिए गोदाम की दीवार पर अपना नाम लिखवाकर मार्बल, पत्थर बिल्डिंग मैटेरियल का धंधा शुरू कर दिया। इसका खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया तो हड़कंप मच गया। गुरुवार सुबह नोडल अफसर प्रमुख नवनीत सहगल का दौरा था और उन्हें नवाबगंज स्थित मेथी नवदिया गांव में चौपाल कार्यक्रम में भाग लेना था। करोड़ों रुपये कीमत की जमीन और गोदाम पीलीभीत बाईपास पर होने से अफसर परेशान थे कि कहीं सहगल साहब की नजर इस गोदाम पर नहीं पड़ जाए। इसके चलते जिला प्रबंधक ने आनन-फानन में गोदाम की दीवार पर लिखा शांति इंडस्ट्रीज का नाम और कारोबार का प्रचार पुतवा दिया। मगर प्रमुख सचिव का काफिला गोदाम से निकलने के बाद अफसरों को चैन आया। मगर इसके बावजूद भी उपभोक्ता सहकारी संघ ने कब्जेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।