उसने जब बात की तो कहा गया कि आगे की बात मेरा ड्राइवर अजीत तिवारी करेगा। इसके बाद वह क्लीनिक से बाहर निकलकर गाड़ी में बैठ गए। ड्राइवर ने मामले को रफादफा करने के नाम पर उससे 55 हजार रुपये देने की बात कही।
उसने शाम तक पैसों का इंतजाम करने की बात कही तो चालक ने अपने मामा शिवकुमार शर्मा का नंबर देकर उन्हें रुपये देने की बात कही। इसके बाद दोनों लोग वापस लौट गए। शाम को चालक के मामा ने उससे 55 हजार रुपये ले लिए। बताया कि चालक का मामा वहीं पास के ही एक गांव में रहता है।
आरोपों पर बोले, एसीएमओ
खुद पर लगे आरोपों पर एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वह जांच करने गए थे। जांच में बाबूराम के क्लीनिक पर कई खामियां मिलीं। इसके अलावा उसके पास डॉक्टर की डिग्री भी नहीं थी। मैं कार्रवाई की बात कहकर चला आया।
यह बार-बार कार्रवाई न करने की बात कर रहा था। कार्रवाई से बचने को उसने यह पूरा नाटक रचा है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। सीएमओ चाहे किसी भी स्तर से जांच करा लें, मैं जांच करने को तैयार हूं।
सीएमओ डा. विनीत शुक्ल ने कहा कि मेरे नाम से रुपये लेने की बात सामने आई है। मैने शिकायतकर्ता से कहा है कि उसने जिस व्यक्ति को पैसे दिए हैं, उस पर मुकदमा दर्ज कराए। मेरे सामने उसे लेकर आए। शिकायती पत्र भी मिला है, मामले की जांच अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बरेली मंडल करेंगे।
डॉ. अशोक कुमार से छीना गया चार्ज
आरोपों में घिरने के बाद सीएमओ ने देर रात उन पर कार्रवाई करते हुए कई चार्ज छीन लिए। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने कहा कि डॉ. अशोक कुमार के पास झोलाछाप का चार्ज नहीं था। उनके पास से अब निजी चिकित्सकों से संबंधित बॉयोमेडिकल वेस्ट, लैब की जांच आदि चार्ज हटा दिए गए हैं।