बरेली। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाने वाले उप निदेशक उद्यान ने अपने मनमाने कामों पर पर्दा डालने के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारी को ही उलझा दिया है। जिला प्रशासन से विभागीय पत्राचार कर अधीनस्थ अधिकारी का कागजों पर गैरहाजिर दिखाकर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करा दी है, इससे परेशान महिला अधिकारी ने प्रशासन को पत्र लिखकर अपने परिवार को खतरे में बताया है, साथ ही निष्पक्ष जांच कराने की भी गुहार लगाई है।
उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण विभाग में कार्यरत जिला उद्यान अधिकारी पूजा अपने ही उप निदेशक बरेली मंडल मनोहर सिंह से परेशान हैं। उप निदेशक (डीडी) सिंह और उनके बीच का विवाद मुख्यालय तक चर्चा में है। पूजा ने प्रशासन को लिखे पत्र में खुलासा किया है कि विभागीय घोटाले में डीडी भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं। यहीं नहीं बल्कि उन्होंने जेल में रहने की अवधि का वेतन तक आहरित कर लिया। डीडी पर 55.58 लाख रुपये का घपला करने का आरोप था। सतर्कता टीम की कार्रवाई के बावजूद विभागीय मिलीभगत से सिंह ने उप निदेशक पर पदोन्नति पा ली। उपनिदेशक मनोहर सिंह ने अपने मनमुताबिक कार्य न करने पर जिला उद्यान अधिकारी पूजा पर कई आरोप लगाकर यहां से रामपुर स्थानांतरण करा दिया। यही नहीं, कार्यालय में काम करने के बावजूद भी उनको गैरहाजिर दिखाकर वेतन भी कटवा दिया। मामला यहीं नहीं रुका डीडी ने डीएचओ (जिला उद्यान अधिकारी) पूजा के खिलाफ जांच शुरू करा दी। बता दें कि उपनिदेशक कार्यालय में तमाम घोटाले हुए हैं। इसकी शिकायतें भी मुख्यालय तक पहुंची हैं। इसमें सब्सिडी समेत कई गंभीर मामले शामिल हैं।
डीएचओ पूजा ने प्रशासन को भेजे पत्र में डीडी मनोहर सिंह के कार्यकलापों की जांच कराने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने आशंका जताई है कि उनके या परिवार के साथ अप्रिय घटना हो सकती है। डीडी सीधे तौर पर उनका मानसिक उत्पीड़न भी कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि वेतन रोकने से उनके परिवार में आर्थिक संकट भी हो सकता है।