बरेली। शासन, परिवहन आयुक्त से लेकर जिला प्रशासन तक के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। शहर के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने परिसर में न तो नो हेलमेट, नो फ्यूल के होर्डिंग्स लगाए हैं, न ही इसका अनुपालन किया जा रहा है।
सड़क हादसों के मामले में बरेली प्रदेश के टाॅप 20 जिलों में शामिल है। प्रदेशभर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए शासन स्तर से तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले महीने परिवहन आयुक्त ने पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों को पेट्रोल देने पर पाबंदी लगा दी थी। पिछले सप्ताह डीएम रविंद्र कुमार ने भी सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस संबंध में आदेश जारी किया था, पर वह बेअसर साबित हो रहा है।
हेलमेट लगाए बिना बाइक चलाने पर रोजाना एक हजार चालान
शहर के प्रमुख स्थानों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है। नगर निगम के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के जरिये हेलमेट लगाए बिना बाइक चलाने पर रोज करीब एक हजार चालान किए जा रहे हैं। इसके बाद भी लोग यातायात नियमों को तोड़ने से नहीं चूक रहे हैं।
357 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस किए जाएंगे निलंबित
शहर के 357 से ज्यादा ऐसे वाहन चालकों को चिह्नित किया गया है, जिनका तीन महीने में पांच बार से ज्यादा चालान हो चुका है। संबंधित वाहन स्वामी को नोटिस देने के बाद परिवहन विभाग ने उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
26 जनवरी से होगी कार्रवाई
पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्हाेंने 26 जनवरी से पहले आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं किया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को 26 जनवरी से पहले सीसीटीवी कैमरे और होर्डिंग्स लगवाने हैं। सीसीटीवी कैमरों को आईसीसीसी से भी जोड़ा जाएगा। संवाद
निगरानी की जा रही है। पेट्रोल पंप संचालकों को 26 जनवरी से पहले आदेशों को सख्ती के साथ लागू करना है। लगातार यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ डीएल निलंबन की कार्रवाई के लिए लिखा गया है। - अकमल खान, एसपी यातायात