बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन माइग्रेशन व प्रोविजनल प्रमाणपत्र ऑनलाइन निकालने की फीस बढ़ाने का विरोध विद्यार्थियों ने शुरू कर दिया है। वहीं, पोर्टल की खामियों के चलते ऑनलाइन मिलने वाला ऑनलाइन प्रोविजनल सर्टिफिकेट व माइग्रेशन सर्टिफिकेट में भी त्रुटियां आ रही हैं।
इन सभी समस्याओं को लेकर शनिवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी शामिल रहे। शनिवार दोपहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर लापता का भी पोस्टर भी लगा दिया।
इसके बाद परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे, जिनका घेराव किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने माइग्रेशन सर्टिफिकेट एवं प्रोविजनल डिग्री की फीस 200 से बढ़ाकर 1000 कर दी है, इससे सभी विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
फीस में की गई यह अत्यधिक वृद्धि छात्र हितों के विपरीत है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह निर्णय पूरी तरह गलत है। विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत फीस को वापस लेना होगा। अगर जल्द ही बढ़ी हुई फीस का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो परिषद उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री विकास गोला, अरुण सूर्यवंशी, विपिन शर्मा, खुशी, मनीषा प्रताप, नितिन मिश्रा, कुनाल मिश्रा, ट्विंकल गुप्ता, हर्ष वर्धन आदि व अन्य उपस्थित रहे। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जारी हो रहे ऑनलाइन प्रोविजनल डिग्री में विद्यार्थियों के डाटा में त्रुटियां आ रही हैं। समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारी रहे गजेंद्र कुर्मी ने बताया कि विवि द्वारा जारी ऑनलाइन सर्टिफिकेट में कई खामियां हैं।
ऐसे में दूसरे राज्य में नौकरी कर रहे विद्यार्थियों को सर्वाधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।