बरेली। टियूलिया के हेतराम शनिवार को फिर सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अर्जी लेकर पहुंचे। उनकी जमीन का भाइयों के बीच बंटवारे का मामला है। इस संबंध में वह एक साल से परेशान हैं। एसडीएम कोर्ट में मुकदमा भी डाल रखा है। लेखपाल के रिपोर्ट नहीं लगाने से उनका मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ऐसे ही धौराटांडा के मोहन लाल भी अर्जी लेकर आए थे। कस्बे में उनकी जमीन है। खतौनी के कॉलम में खातेदार (मोहनलाल) का नाम दर्ज नहीं है। इससे उनकी फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है और अब किसान सम्मान निधि भी रुक जाने की चिंता उन्हें सता रही है। इस तरह कई पीड़ित अपनी अर्जी लेकर जनसुनवाई में पेश हुए और आश्वासन की घुट्टी पाकर लौट गए।
हेतराम ने बताया कि वह पांच जनवरी को हुई जनसुनवाई में भी एसडीएम के सामने पेश हुए थे। बताया था कि उनकी जमीन के बंटवारे के संबंध में एसडीएम सदर कोर्ट में वाद चल रहा है। कुर्रा (अंश निर्धारण) दाखिल होना है, पर लेखपाल हीलाहवाली कर रहे हैं। तहसील आने में उनका पूरा दिन बर्बाद होता है और किराया-भाड़ा भी लगता है। हर पेशी पर दो-ढाई सौ रुपये लग जाते हैं।
मानपुर चिकटिया के ओमवीर ने खेत पर आने-जाने वाले रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग को लेकर अर्जी लगाई है। बभिया के दन्ने सिंह ने बताया कि गाटा-575 और 613 की खतौनी में वह सह खातेदार हैं। इन दोनों गाटा के बीच चकमार्ग है जो मौके पर नहीं है। उन्होंने चकमार्ग की पैमाइश की मांग की। गांव भूड़ा के नेमचंद्र ने जनसुनवाई में गाटा-278 पर स्थित तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। बताया कि पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी तो लेखपाल ने तालाब अतिक्रमण मुक्त होने की गलत रिपोर्ट लगा दी थी।
डीएम ने मीरगंज में की जनसुनवाई
डीएम अविनाश सिंह तहसील मीरगंज में जनसुनवाई कर रहे थे। इस दौरान धंतिया बूदागंज के सूरजपाल ने गांव में रास्ता सही कराने की अर्जी दी। डीएम ने संबंधित अधिकारी को क्रिटिकल गैप की धनराशि से रास्ता सही कराने के निर्देश दिए। अधिवक्ताओं के चेंबर की ओर जाने वाले मार्ग को दुरुस्त कराने का मामला सामने आया तो डीएम ने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत मीरगंज को कार्रवाई करने के लिए कहा। गांव ठिरिया बुजुर्ग से शिकायतकर्ता ने अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई। इन्हें एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल करने की सलाह दी गई।