आईजी के निर्देश पर रेंज भर में शुरू हुआ था अभियान
बरेली। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जिन लोगों की पुलिस तलाश बंद कर चुकी थी, आईजी की सख्ती पर उन्हें कुछ दिन में ही खोज निकाला गया। रेंज भर में लापता बालिग और नाबालिगों की तलाश में चले ऑपरेशन मुस्कान में बरेली पुलिस ने सर्वाधिक बरामदगी कर बाजी मारी है। वहीं, नाबालिगों की तलाश में शाहजहांपुर पुलिस पहले नंबर पर रही।
पिछले दिनों आईजी रमित शर्मा ने बरेली रेंज में लापता महिला, पुरुष और बच्चों को खोजने का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि एक लापता व्यक्ति के पीछे एक सिपाही को जिम्मेदारी देकर उसकी तलाश कराई जाए। रेंज के जिलों में लापता कुल 719 लोगों में से पुलिस ने 208 को ढूंढ निकाला है। बरेली जिले में लापता 195 बालिगों में 47 और 89 नाबालिगों में छह को बरामद किया गया है। बदायूं में 55 लापता बालिगों में 18 और 18 नाबालिगों में तीन को बरामद किया गया है। पीलीभीत में 105 बालिग और 31 नाबालिग लापता थे, जिनमें 51 बालिग और छह नाबालिगों को बरामद कर लिया गया है। इसी तरह शाहजहांपुर जिले में लापता 142 बालिग में 63 और 84 नाबालिग में 14 को बरामद किया गया है।
एफआर लगाकर शांत हुई पुलिस अभियान चला तो हुई बरामदगी
ऑपरेशन मुस्कान के तहत चार ऐसे मामलों में भी बरामदगी की गई है, जिनमें फाइनल रिपोर्ट लग चुकी थी। थाना अलीगंज की 15 वर्षीय किशोरी वर्ष 2013 में लापता हुई थी और 21 अक्तूबर 2014 को उसमें फाइनल रिपोर्ट भी लग गई। अब पुलिस ने उसे बरामद किया तो पता चला कि वह शादी कर चुकी है और उसके बच्चे भी हैं। इसी थाने की 15 वर्षीय एक अन्य किशोरी वर्ष 2011 से लापता थी, उसे 20 अगस्त 2021 को बरामद किया गया। थाना बारादरी से 2015 में लापता 17 वर्षीय अभिषेक को भी 20 अगस्त को बरामद किया गया। इसी तरह फरीदपुर से लापता 13 वर्षीय किशोर सुरजीत के मामले में भी पुलिस ने एफआर लगा दी थी, उसे भी बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा थाना मीरगंज और नवाबगंज से लापता दो किशोरियों को भी बरामद किया गया है।
‘ऑपरेशन मुस्कान के तहत रेंज के सभी जिलों को लापता चल रहे बालिग और नाबालिग लोगों की बरामदगी के निर्देश दिए गए थे। कुल 719 लापता में 208 को बरामद कर लिया गया है। अन्य को भी तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।’ - रमित शर्मा, आईजी