नगर आयुक्त ने ये कहा
नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि ग्रामीण सड़क के लिए धरना दे रहे थे। उन्हें शुक्रवार को भी समझाया गया था, मगर वह लोग नहीं माने। शनिवार की शाम उन्हें समझाकर धरना खत्म करा दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया है कि सड़क निर्माण का मामला नगर निगम में लंबित नहीं है। शासन में पत्र भेज दिया गया है।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि मेरे संज्ञान में नहीं है। ऐसा कुछ हुआ है तो इससे दुखद कुछ हो नहीं सकता है। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, शासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
वन राज्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास रात फोन आया कि बच्ची की तबीयत खराब है। मैंने कहा कि एंबुलेंस को फोन करो और यदि न आए तो मुझे बताना। उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया और एंबुलेंस आई भी। इसके बाद मेरे पास फोन नहीं आया तो मैंने समझा बच्ची को इलाज मिल गया होगा। मैंने खुद सुबह अपनी ओर से फोन कर हाल जानना चाहा तो बताया कि एंबुलेंस आई थी, मगर इलाज नहीं मिला तो मैंने कहा कि मुझे बताना चाहिए था, क्यों नहीं बताया। शाम को पता चला कि बच्ची की मौत हो गई। यह बहुत दुखद है।