बरेली में मुठभेड़ में मारा गया बदमाश इफ्तेकार दुर्दांत अपराधी था। वह अपने साथियों संग कई डकैती व लूट कर चुका था। मेरठ के गर्ग दंपती समेत चार हत्याएं की थीं। बिथरी में डकैती डाली थी। एडीजी ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अक्तूबर 2006 में इफ्तेकार के गिरोह ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पचौमी स्थित पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर पर धावा बोला था। वहां डकैती के दौरान गिरोह ने महंत शंकरलाल गिरि व सहायक महंत निर्वाण गिरि की हत्या कर दी थी।
मंदिर के दानपात्र से रुपये, बहुमूल्य धातु की मूर्तियों के साथ ही साइकिल व साधुओं के कंबल तक लूट ले गए थे। मामले के एक महीने बाद ही पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया था। तब इफ्तेकार रोहित नाम से घटना में शामिल हुआ था और इसी नाम से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
नवंबर 2024 में इफ्तेकार के गिरोह ने बिथरी के उदयपुर जसरथपुर निवासी किसान कैसर खां के घर डकैती डाली थी। कैसर के तीन बेटे सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। इस लिहाज से करीब 18 लाख रुपये का माल उनके घर से गिरोह समेट ले गया था।
पुलिस ने अगले ही महीने गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन्हीं से इफ्तेकार के बारे में इनपुट मिला और टीम ने उसका पीछा शुरू कर दिया। एसएसपी के मुताबिक वर्ष 2012 में यह बदमाश बाराबंकी से पुलिस कस्टडी से भाग गया था। आठ साल बाद 2020 में गिरफ्तार किया गया। तब भी उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और एसटीएफ ने उसे पकड़ा था।
एक बदमाश के 15 नाम, सात जिलों में 19 मुकदमे
बरेली में इफ्तेकार, इफ्तेखार, धूम, सोल्जर और न जाने क्या-क्या...ये सारे नाम एक ही बदमाश के हैं, लेकिन पुलिस अब तक उसका सही नाम और ठिकाना नहीं तलाश सकी है। घुमंतू छैमार प्रजाति के जिस बदमाश को बरेली पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया, उसका आपराधिक जीवन भूलभुलैया जैसा है। पुलिस इसकी जितनी छानबीन कर रही है, उतना ही उलझती जा रही है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस को मृतक के पास से जो आधार कार्ड मिला, उस पर गाजियाबाद का पता दर्ज है। पुलिस ने उसकी तस्दीक कराई तो पता लगा कि वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। आगे की छानबीन में पुलिस को उसके कई नाम व पते मिलते गए।
शाम तक पुलिस के पास इफ्तेकार के 15 नामों व सात पतों की सूची आ गई थी। एसएसपी ने आशंका जताई कि उसके और भी नाम-पते हो सकते हैं, जिनके आधार पर उसने अपराध के बाद जमानत ली हो। पुलिस फिलहाल अब तक प्रकाश में आए सात पतों की तस्दीक में जुटी है।
ये नाम आए सामने
इफ्तेकार, धूम, लड्डे, सोल्जर, लोधा, सैदान, शाकिर, रोहित, मोटा, शैतान, इफ्तखार, इस्तेकार, फिरोज, इश्तहार और फौजी।
बदमाश के अब तक प्रकाश में आए सात पते
- बरी चौक, कादरगंज रोड, थाना गंज डुंडवारा, जिला कासगंज।
- जगत भट्टा ग्राम भूपखेड़ी, थाना टीला मोड़, जिला गाजियाबाद।
- ग्राम मखरेडा, थाना मुरादनगर, जनपद गाजियाबाद।
- मोहल्ला मुकर्रमपुर, कस्बा सीरसी, जनपद संभल।
- दुर्वेदी थाना बुढ़ाना, जनपद मुजफ्फरनगर।
- आलमपुर, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर।
- ग्राम डेराबोजी, थाना परौर, जनपद शाहजहांपुर।
इन सात जिलों में मिले 19 मुकदमे
बरेली में चार, गौतमबुद्ध नगर में पांच, बहराइच में चार, हरदोई में दो, गोंडा में एक, बाराबंकी में दो, मेरठ में एक मुकदमा दर्ज है।