बरेली। सरनिया मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मुआवजे के 12.48 करोड़ रुपये विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय को भेज दिए हैं। अब भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से आधी रकम भू-स्वामियों को मिल सकेगी। आधी रकम हाईकार्ट का फैसला आने पर मिलेगी।
रिंग रोड के लिए सरनिया में जमीन और परिसंपत्तियों का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले एनएचएआई की एजेंसी के मूल्यांकन पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने 12.48 करोड़ रुपये मुआवजा तय किया था लेकिन एनएचएआई ने डीएम के यहां आर्बिटेशन कर दिया। आर्बिटेशन में मुआवजा घटाकर 1.72 करोड़ रुपये कर दिया गया।
भू-स्वामियों ने डीएम के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका की। हाईकोर्ट ने एनएचएआई को पूरा मुआवजा देने और भू-स्वामियों को 50 फीसदी के लिए अंतिम फैसला आने तक इंतजार का आदेश दिया। एनएचएआई के पीडी सौरभ चौरसिया ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में पूरा मुआवजा एसएएलओ को भेजा गया है। कोर्ट का जो भी फाइनल आदेश आएगा उसका पालन किया जाएगा। ब्यूरो