जांच के लिए सरनिया जाएगी टीम
बरेली में रिंग रोड के लिए सरनिया में 12 करोड़ रुपये मुआवजा तय किया गया। इस मामले में अब जांच टीम गांव जाएगी। उन बिंदुओं पर जांच होगी, जिन्हें लेकर एनएचएआई की जांच टीम ने सवाल उठाए हैं। यह प्रकरण डीएम की अदालत में भी विचाराधीन है। एनएचएआई मुख्यालय से दो अगस्त को जांच टीम ने रिंग रोड के दायरे में आए सरनिया का स्थलीय निरीक्षण किया था।
जांच टीम के सामने फरवरी 2021 और मार्च 2022 में गूगल मैप से लिए गए कुछ चित्र प्रस्तुत किए गए। जांच टीम ने पाया कि फरवरी 2021 में उस स्थान पर कोई स्ट्रक्चर नहीं था, जबकि मार्च 2022 में गूगल मैप से लिए गए चित्रों में कुछ स्ट्रक्चर खड़े हैं। 24 फरवरी 2022 को इसकी शिकायत भी हुई थी।
मूल्यांकन में फर्जीवाड़े पर कंसल्टेंसी फर्म के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
खाली खेतों पर स्ट्रक्चर दर्शाकर कंसल्टेंसी फर्म की ओर से मूल्यांकन किया गया। इसके प्रस्ताव तैयार किए गए। अगर कंसल्टेंसी फर्म के कुछ कर्मचारी-अधिकारी शामिल नहीं होते तो फर्जीवाड़ा बहुत पहले पकड़ा जा सकता था।
प्रारंभिक छानबीन में यह तथ्य सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनचएचआई) के स्थानीय खंड के पीडी ने मुख्यालय को अवगत कराया है। मुख्यालय स्तर से अब विस्तृत छानबीन होगी। फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
फर्म के अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो फर्म को काली सूची में डालने तक की कार्रवाई हो सकती है, लेकिन फिलहाल इसमें देरी हो रही है। फर्म के अधिकारी और कर्मचारी बरेली सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण के लिए दूसरे फेज में काम कर रहे हैं।