फतेहगंज पश्चिमी(बरेली)। कस्बे के मुख्य बाजार में बेसमेंट में नींव खोदाई के दौरान दो मंजिला भवन गिरने की घटना ने आपात स्थिति से निपटने के पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। यही वजह रही कि घटना के करीब घंटे भर बाद मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू हो सका। इस बीच दो मजदूरों की मौत हो गई।
हादसा अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुआ। आसपास के लोगों ने व्यापारी कृष्ण अवतार और उनके नौकर सक्षम को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया। इसी बीच इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह पचौरी और फिर मीरगंज तहसीलदार अरविंद तिवारी मौके पर पहुंच गए। मीरगंज के चेयरमैन इलियास अंसारी भी पहुंच गए। मगर किसी के समझ में नहीं आ रहा था कि करीब 12 फुट गहरे बेसमेंट में मलबे में दबे लोगों को कैसे बाहर निकाला गया। फिलहाल चेयरमैन ने नगर पंचायत की टीम को जेसीबी लेकर मौके पर बुलाया। एनएचएआई की क्रेन भी मंगाई गई। इसके बाद अपराह्न करीब साढ़े चार बजे मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू हुई। मलबे में फंसा शकील फोन के जरिये उन लोगों के संपर्क में था। मगर वे लोग उस तक नहीं पहुंच पा रहे थे।
डीएम को फोन किया तो पहुंची एसडीआरएफ
इसी बीच व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल ने डीएम को फोन किया तो शाम करीब सवा पांच बजे एसडीआरएफ की टीम भी वहां पहुंच गई। एसडीआरएफ की टीम ने शकील से बात करके उसकी मौजूदगी का स्थान समझने के बाद मलबे में सुरंग बनाने का काम शुरू कराया। एफएसओ संजीव यादव, रवीश चंद्र, कमल कुमार, नितिन भी एसडीआरएफ के साथ जुटे थे। शाम करीब बजे शकील को बाहर निकाल लिया गया। मगर जाहिद और धर्मेंद्र मौर्य को तलाशने के लिए टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। रात करीब सवा नौ बजे उन्हें मलबे से निकालने में कामयाबी मिली तो दोनों की सांसें थमने लगी थीं। पुलिस ने फौरन ही उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उन्हें मृतक घोषित कर दिया गया।
थमने लगी थीं सांसें.. शटरिंग
के नीचे छिपकर बचाई जान
शकील ने बताया कि नींव की खोदाई और पिलर बनाने के दौरान अचानक ही पड़ोस का भवन ढह गया। वह जहां पर था, उसके पास शटरिंग का सामान रखा था। वह सामान दीवार से टिक गया और वह उसके नीचे ही घुस गया। मगर मलबा उसके नीचे भी आ गया और चारों ओर अंधेरा छा गया। उसका एक हाथ और एक पैर मलबा में फंस गया। इससे वह डर गया। चारों ओर से मलबा पड़ा होने के कारण उसका दम घुट रहा था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मगर बाहर मौजूद लोग फोन पर उससे बात करके ढाढस बंधा रहे थे। इस हादसे में शकील का एक हाथ और एक पैर गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। उसे भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिसे तलाश रही थीं टीमें, वह भाग निकला
बचाव कार्य में जुटी टीमों शकील, धर्मेंद्र और जाहिद को निकालने के बाद चौथे मजदूर नौगवां के डालचंद को तलाशने में जुटी थीं। रात दस बजे के बाद तक उसकी तलाश में वहां खोदाई की जाती रही। इसी बीच पता लगा कि हादसे के दौरान वह बेसमेंट से बाहर था और डरकर वहां से भाग निकला।
विधायक और अफसर भी पहुंचे
घटना की जानकारी होने पर मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा के अलावा एडीजी अविनाश चंद्र, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एडीएम प्रशासन, सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। उनके अलावा पूर्व विधायक सुल्तान भी वहां पहुंचे।
टाइमलाइन
3:30 बजे - हादसा
3:45 बजे - कृष्ण अवतार और सक्षम को निकाला
4:00 बजे - पुलिस पहुंची
4:30 बजे - जेसीबी और क्रेन से मलबा हटाने का काम शुरू
5:15 बजे - एसडीआरएफ पहुंची
7:00 बजे - शकील को निकाला गया
9:15 बजे - जाहिद हुसैन को निकाला
9:30 बजे - धर्मेंद्र मौर्य को निकाला
10:00 बजे - डालचंद की तलाश बंद की गई