केंद्रों से 10 किमी पहले सड़क पर उतारा गया 20 बोरा राशन, वीडियो वायरल, आठ से 10 कट्टे ई-रिक्शा में लोड किए गए, बाकी सड़क पर ही छोड़े गए
फरीदपुर। शासन की पोषाहार डोर स्टेप डिलीवरी योजना में अनियमितता का मामला सामने आया है। आंगनबाड़ी केंद्रों तक सुरक्षित पोषाहार पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही बोरों को उतार दिया गया। बीसलपुर अंडरपास के पास सड़क किनारे पिकअप गाड़ी से राशन उतारने का वीडियो वायरल हो गया है। अब सीडीपीओ ने मामले में संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
कस्बे के लोगों के अनुसार, पिकअप भुता ब्लॉक के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी पोषाहार लेकर निकली थी। इसे फरीदपुर कस्बे में बड़े बाईपास पर बीसलपुर अंडरपास के पास 10 किमी पहले ही रोक लिया गया। गाड़ी में मौजूद जिम्मेदार कर्मचारियों ने वहां करीब 20 बोरा पोषाहार सड़क किनारे उतार दिया। इसमें से करीब 10 कट्टे आनन-फानन में एक ई-रिक्शा में भरे गए, जबकि बाकी कट्टे खुलेआम सड़क पर ही रख दिए गए। संवाद
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भुता ब्लॉक के गांवों में पहुंचना था राशन
वीडियो का संज्ञान लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रामगोपाल ने माना कि यह पोषाहार भुता ब्लॉक के गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचना था। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर डिलीवरी देने के बजाय कस्बे के बीच में राशन उतारे जाने के गंभीर मामले में ठेकेदार को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जा रहा है।
एसडीएम ने साक्ष्य सहित मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदपुर एसडीएम विदुषी सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार पहुंचाने के स्पष्ट नियम हैं। ऐसे में किसी भी परिस्थिति में और क्यों इतनी बड़ी मात्रा में राशन बीच रास्ते में उतारा गया। सीडीपीओ से साक्ष्यों सहित विस्तृत आख्या मांगी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।