बरेली। शहामतगंज चौराहा और बारादरी थाने के बीच स्थित एक धार्मिक स्थल से नर्स लापता हो गई। नर्स को कथित प्रेत बाधा से मुक्ति के लिए धार्मिक स्थल पर लाया गया था। उसके पैरों में बेड़ियां पड़ी थीं। नर्स की शादी एक महीना पहले ही हुई थी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। नर्स की मां ने दूसरे संप्रदाय के एक युवक पर बेटी को ले जाने का आरोप लगाया है। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताते हैं कि घरवाले नर्स को धार्मिक स्थल पर लेकर गए तो वहां के खादिम ने भी उस पर ऊपरी हवा का साया बताया। चालीसा से ठीक होने का भरोसा दिलाकर नर्स को 40 दिन तक वहीं रखने की बात कही। इस पर परिवार वालों ने एक फूलवाले का कमरा तीन हजार रुपये मासिक किराये पर लेकर नर्स को उसके पैैरों में बेड़ी डालकर वहां रख दिया। मां उसके साथ रहने लगी, जबकि उसका पति भी आता जाता रहता था। नर्स के भाई ने बताया कि 23 जनवरी को दोपहर 12 बजे नर्स अचानक लापता हो गई। मां को जब भनक लगी तो वह कमरे से उतर कर नीचे आईं। पूछताछ की तो लोगों ने बताया कि युवती को धर्मस्थल की तरफ जाते देखा गया है। मां ने वहां जाकर देखा लेकिन नर्स का कोई पता नहीं चला। मां ने बारादरी थाने में तहरीर देकर दूसरे संप्रदाय के एक युवक पर नर्स को ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने नर्स की गुमशुदगी दर्ज कर ली हैै। हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष अरुण फौजी ने इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
पुलिस प्राथमिकता के आधार पर युवती की तलाश में जुटी है। बारादरी इंस्पेक्टर खुद इस मामले को देख रहे हैं। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
- श्वेता यादव, सीओ तृतीय