मौलाना ने कहा था कि मुसलमानों की बातें इसलिए नहीं सुनी जातीं क्योंकि वे ट्रेन नहीं जलाते। मौलाना मुस्लिम युवकों को ट्रेन जलाने के लिए भड़का रहे थे। साथ ही देश और संविधान पर अविश्वास जताते हुए उसका अपमान करते हुए मौलाना ने कहा था कि वह ज्ञापन यूएनओ में देंगे। मतलब साफ है कि वह संविधान और सरकार में आस्था नहीं रखते।
सुशील पाठक का कहना है कि मौलाना तौकीर की टिप्पणियों से उनकी धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं। मौलाना का बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता इसलिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। एडीजी ने जांच के आदेश दिए हैं।