पीड़ितों का हालचाल लेने कानपुर जाएंगे
मौलाना तौकीर ने कहा कि वह 12 जून के बाद जल्द ही कानपुर जाकर पीड़ितों का हालचाल लेंगे। सरकार की एकतरफा कार्रवाई गलत है। जिस आंदोलन का जिक्र किया जा रहा है, उसे जफर हयात ने वीआईपी मूवमेंट के कारण रद्द कर दिया था। इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को भी थी। उन्होंने कहा कि शासन बुलडोजर से डराने की कोशिश कर रहा है और मुसलमान डरने वाला नहीं है। वह कानपुर की रिपोर्ट तैयार कर डीजीपी से भी मिलेंगे।
अब जुमे के दिन प्रदर्शन नहीं
मौलाना ने कहा कि 15 दिन के अंदर प्रदर्शन होगा लेकिन अब उन्होंने तय किया है कि प्रदर्शन जुमे के दिन नहीं होगा। अब तक प्रदर्शनों के लिए जुमे का दिन रखा जाता था, लेकिन अब जुमे को इबादत के लिए छोड़ दिया जाए। जिसे पैंगंबर-ए-इस्लाम से मोहब्बत होगी वह किसी भी दिन समय निकालकर प्रदर्शन में शामिल होने आएगा।
नुपुर को जेल से अच्छी कहीं सुरक्षा नहीं
मौलाना ने नुपुर को अलकायदा की धमकी के संबंध में कहा कि वह तो खुद ही नुपुर को सुरक्षा देने की मांग कर रहे है। शासन ज्यादा से ज्यादा एक-दो कंपनी सुरक्षा में लगा सकता है, लेकिन उन्हें जेल से अच्छी सुरक्षा कहीं नहीं मिल सकेगी। इसलिए बेहतर है कि उन्हें जेल में ही रखा जाए।