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UP News: बरेली में मलेरिया के मरीज की संख्या 1800 के पार, अब शासन ने संभाली निगरानी की कमान

Sun, 21 Sep 2025 03:14 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में जून के बाद से मलेरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 1818 हो गई है। लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब शासन ने निगरानी शुरू कर दी है। 
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हल्दीकला गांव में कराया एंटीलार्वा स्प्रे - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रोकथाम के दावों के बावजूद बरेली जिले में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 1800 के पार पहुंच गया है। नतीजा, बरेली अति संवेदनशील जिलों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। इससे पहले वर्ष 2018-19 में 46 हजार मरीजों के साथ बरेली प्रदेश में सर्वाधिक मलेरिया प्रभावित जिला था। अब शासन की ओर से जिले की निगरानी के लिए अलग से टीम लगाई गई है। बुखार के हर मरीज की जांच के निर्देश सीएमओ को दिए हैं, ताकि रोगी को जल्द इलाज मुहैया कराकर रोग के प्रसार पर अंकुश लगाया जा सके। 

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प्रदेश मुख्यालय से मरीजों के मोबाइल नंबर पर कॉल कर इलाज आदि की जानकारी ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही मरीजों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। वहीं, मलेरिया की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंची या नहीं, इसकी भी पूछताछ की जा रही है। लिहाजा, कागजी दावा करने वाले अफसर अब गांवों की दौड़ लगा रहे हैं।

मई के बाद तेजी से बढ़ा प्रकोप 
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष जनवरी से मई तक मलेरिया के महज 125 मरीज थे। जून और जुलाई में पांच सौ से ज्यादा मरीज हो गए। अगस्त और सितंबर में मलेरिया का प्रकोप दिखने लगा। बीते 50 दिन में मलेरिया की चपेट में करीब 13 सौ से ज्यादा लोग आए। आंकड़ों के लिहाज से प्रतिदिन करीब 25 से ज्यादा लोग चपेट में मिल रहे हैं।
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छह ब्लॉकों के 26 गांव में सर्वाधिक मलेरिया मरीज
मझगवां ब्लॉक के नौहारा हसन गांव में 57, अमरौली में 30, इस्माइलपुर में 56, मझगवां में 43, नूरपुर बुजुर्ग में 22 मरीज मिले हैं। भमौरा के दलीपुर में 18, कीरतपुर में पांच, देवपुर में छह, रामनगर ब्लॉक के देवकोला में 16, कठौती में 13, आनंदपुर और नसरतगंज में 10-10 मरीज मिले हैं। मीरगंज के गुलड़िया में 34, खे गौटिया में 28, पिपरिया में 31, सैजना में 32, वंशीपुर में 46, थानपुर में 27, शेरगढ़ के परचई में 30, म्यूडी खुर्द में 11, हल्दीकला में पांच, संग्रामपुर में तीन, फतेहगंज पश्चिमी के सतुईया पट्टी में 24, गोहाना में सात, फिदाईपुर में पांच, सुकली में पांच मरीज मलेरिया की चपेट में मिले हैं।

ये है विभागीय दावा 
आठ ब्लॉकों के 213 गांव में इन्डोर रेसिड्यूल स्प्रे किया गया। 1,29,767 घरों में 95,663 कंटेनरों की जांच की गई। 1740 कंटेनर के मिले लार्वा को नष्ट कराया। 962 गांवों और वार्डों में एंटीलार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई। मलेरिया मरीजों के लिए 198 बेड आरक्षित हैं। 19 तालाबों में गंबूसिया मछलियां छोड़ी गई हैं। 

बीते वर्ष 20 सितंबर तक जिले में थे 2115 मरीज
वर्ष 2024 में 20 सितंबर तक मलेरिया के 2115 मरीज मिले थे, जबकि इस वर्ष आंकड़ा 1818 (विवैक्स के 1669 और फेल्सीपेरम के 149) है। इसी तरह डेंगू के 20 सितंबर तक 48 मरीज मिले थे, जबकि इस वर्ष अब तक 11 मरीज मिले हैं। वर्ष 2024 में मलेरिया के 2,817 और डेंगू के 89 मरीज मिले थे। इस वर्ष अब तक 3,30,364 मरीजों की जांच हो चुकी है।
 

सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि मलेरिया के मरीजों की तादाद पहले से कम है, पर जिला संवेदनशील सूची में दर्ज है। शासन ने गतिविधियों की निगरानी शुरू की है। हालांकि, विभाग की ओर से दैनिक कार्रवाई और मरीजों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। 
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जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि हमारी टीमें सक्रिय हैं। सीएमओ के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचकर रोकथाम संबंधी गतिविधियों की हकीकत परख रहे हैं। जिन विभागों का सहयोग नहीं मिल रहा, उनके उच्चाधिकारियों को बताया जा रहा है। 
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