छह ब्लॉकों के 26 गांव में सर्वाधिक मलेरिया मरीज
मझगवां ब्लॉक के नौहारा हसन गांव में 57, अमरौली में 30, इस्माइलपुर में 56, मझगवां में 43, नूरपुर बुजुर्ग में 22 मरीज मिले हैं। भमौरा के दलीपुर में 18, कीरतपुर में पांच, देवपुर में छह, रामनगर ब्लॉक के देवकोला में 16, कठौती में 13, आनंदपुर और नसरतगंज में 10-10 मरीज मिले हैं। मीरगंज के गुलड़िया में 34, खे गौटिया में 28, पिपरिया में 31, सैजना में 32, वंशीपुर में 46, थानपुर में 27, शेरगढ़ के परचई में 30, म्यूडी खुर्द में 11, हल्दीकला में पांच, संग्रामपुर में तीन, फतेहगंज पश्चिमी के सतुईया पट्टी में 24, गोहाना में सात, फिदाईपुर में पांच, सुकली में पांच मरीज मलेरिया की चपेट में मिले हैं।
ये है विभागीय दावा
आठ ब्लॉकों के 213 गांव में इन्डोर रेसिड्यूल स्प्रे किया गया। 1,29,767 घरों में 95,663 कंटेनरों की जांच की गई। 1740 कंटेनर के मिले लार्वा को नष्ट कराया। 962 गांवों और वार्डों में एंटीलार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई। मलेरिया मरीजों के लिए 198 बेड आरक्षित हैं। 19 तालाबों में गंबूसिया मछलियां छोड़ी गई हैं।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि मलेरिया के मरीजों की तादाद पहले से कम है, पर जिला संवेदनशील सूची में दर्ज है। शासन ने गतिविधियों की निगरानी शुरू की है। हालांकि, विभाग की ओर से दैनिक कार्रवाई और मरीजों की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि हमारी टीमें सक्रिय हैं। सीएमओ के साथ प्रभावित गांवों में पहुंचकर रोकथाम संबंधी गतिविधियों की हकीकत परख रहे हैं। जिन विभागों का सहयोग नहीं मिल रहा, उनके उच्चाधिकारियों को बताया जा रहा है।