दुनका/मीरगंज। शुक्रवार को शाही थाना क्षेत्र के गांव नरेली रसूलपुर के जंगल में बाघ मिलने का दावा किया गया। इस दौरान गांव में दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी दौड़े और खोजबीन की, लेकिन कोई जीव नहीं मिल सका। वन टीम ने इसे किसी अन्य वन्यजीव का पगचिह्न बताया है। किसी वन्यजीव के न पकड़े जाने पर लोगों ने नाराजगी जताई है।
नरेली रसूलपुर के पूर्व प्रधान मेवाराम के खेत में सबमर्सिबल लगने का कार्य हो रहा था। वह सुबह बाइक से खेत पर पहुंचे तो वहां पर एक वन्यजीव उनके सबमर्सिबल के चारों ओर घूम रहा था, जिसे दूर से ही देखकर वह भागने लगे। इस बीच उनकी बाइक गिर गई, जिसे छोड़कर गांव के पास पहुंचकर ग्रामीणों और डायल 112 पर फोन कर सूचना दी।
इस दौरान शाही थाना के उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार अपने अधीनस्थों के साथ पहुंचे। जंगल में खोजबीन की। इसके एक घंटे बाद डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार और वन दरोगा फराज नदीम मौके पर पहुंच गए। पूछताछ में लोगों ने बताया कि संबंधित वन्यजीव बाघ था। डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार ने उक्त स्थल पर मिले पगचिह्न को किसी अन्य वन्यजीव का बताया है।
इन गांवों में देखे गए वन्यजीव
10 फरवरी को धंतिया, अजमतगंज समेत कई गांवों में किसी वन्यजीव ने 20 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। तभी से लोग तेंदुआ होने का दावा कर रहें हैं। सोमवार को धंतिया में तेंदुआ, मंगलवार को रात में गांव कपूरपुर के जंगल में दो भालू और बुधवार सुबह समसपुर में तेंदुआ देखा गया था। शुक्रवार को शाही थाना क्षेत्र के गांव नरेली रसूलपुर में बाघ देखे जाने का दावा किया गया।
बन्य जीव के पग चिन्ह