गृहकर में जनता को छूट न देने का लगा आरोप
सपा पार्षद दल के अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पर गृहकर में जनता को छूट न देने का आरोप लगाया। कहा कि, दस साल से पुराने घरों को 25 प्रतिशत, 10 से 20 साल पुराने घरों को 32 प्रतिशत व 20 साल से पुराने घरों को 40 प्रतिशत तक वार्षिक मूल्यांकन पर छूट देने का प्रावधान है, लेकिन जनता को यह छूट नहीं दी जा रही है। इस पर नियमों के मुताबिक कर निर्धारण करने का कहा गया।
सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिन 30 वार्डों को ठेके पर दिया जाएगा, उसमें सात सौ से ज्यादा कर्मचारी रखे जाएंगे। इसमें करीब 17.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि निगम के कर्मचारियों के रखे जाने पर 10 करोड़ खर्च होंगे। ऐसे में करीब साढ़े सात करोड़ की निगम को चपत लगाई जा रही है। सपा पार्षद की तरफ से नकटिया में वधशाला में निर्धारित 300 से ज्यादा जानवर प्रतिदिन काटे जाने की आशंका जताई गई। ऐसे में कमेटी बनाकर वहां जांच कराने का कहा। इस पर जल्द कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में दिखा मतभेद
बोर्ड बैठक में बैठने की व्यवस्था को लेकर भाजपा में भी आपसी मतभेद दिखे, लेकिन बोला कोई कुछ नहीं। दरअसल, भाजपा पार्षद दल की अध्यक्ष शालिनी जौहरी जब आईं तो आगे की सीट पर कुछ भाजपा पार्षद बैठे थे। पार्षद छंगामल मौर्य भी आए तो आगे की सीट नहीं मिली और वह बीच की सीट पर बैठ गए। कुछ देर बाद दोनों को आगे बैठाया गया। सतीश कातिब उर्फ मम्मा को आगे कहीं जगह नहीं मिली तो वह सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे।
सपा पार्षदों में हुई तकरार, महापौर ने किया हस्तक्षेप
बैठक में सपा पार्षद राजेश अग्रवाल अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान सपा के ही पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने कुछ कहा। इस पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि वह सभापति से बात कर रहे हैं। नियमानुसार बीच में नहीं बोला जा सकता। इस पर दोनों के बीच हल्की कहासुनी हो गई। महापौर के हस्तक्षेप के बाद पार्षद दल के नेता बैठ गए।