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Bareilly: अब पार्षद अपने-अपने वार्डों में करा सकेंगे 50-50 लाख रुपये के काम, नगर निगम बोर्ड ने की यह व्यवस्था

Tue, 12 Mar 2024 05:08 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

निगम के सभागार में हुई बैठक में महापौर ने सदस्यों को बताया कि बजट में किये गए प्रावधान के तहत शहर में ठेके पर दी गई 30 वार्डों की सफाई व्यवस्था पर निगम 17.50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। 
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नगर निगम बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स, मेयर डॉ. उमेश गौतम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पार्षद अब अपने वार्डों में 50-50 लाख रुपये तक के नाली व सड़क से जुड़े विकास कार्य करा सकेंगे। नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यह व्यवस्था की है। अभी तक प्रत्येक पार्षद 30-30 लाख रुपये के कार्य ही सालाना करा सकते थे। 

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निगम ने 15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि के तहत शहर के 80 वार्डों में इसके लिए करीब 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सात अरब रुपये का बजट सोमवार को पारित कर दिया है। 

निगम के सभागार में हुई बैठक में महापौर ने सदस्यों को बताया कि बजट में किये गए प्रावधान के तहत शहर में ठेके पर दी गई 30 वार्डों की सफाई व्यवस्था पर निगम 17.50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके अलावा रात में झाड़ू लगाने व डोर टू डोर कूड़ा उठान पर 12-12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहर में सीवर के काम पर 17 करोड़ रुपये, जलकल पर 12.50 करोड़ और मार्ग प्रकाश व्यवस्था पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 
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पार्कों के सौन्दर्यीकरण पर 4 करोड़, कान्हा उपवन की मरम्मत पर दो करोड़ व गोवंश के लिए भूसा व चारे पर दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अन्य में निगम के वाहनों के डीजल पर 10 करोड़ रुपये, नजारत पर 1.30 करोड़ व सरकारी संपत्तियों एवं प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विकास कार्यों को लेकर चार घंटे तक चली इस बैठक में सपा पार्षदों ने कई मुद्दों पर विरोध भी जताया। नगर निगम के अधिकारियों से भी गृह व सीवर कर वसूले जाने की मांग रखी। 

गृहकर में जनता को छूट न देने का लगा आरोप
सपा पार्षद दल के अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पर गृहकर में जनता को छूट न देने का आरोप लगाया। कहा कि, दस साल से पुराने घरों को 25 प्रतिशत, 10 से 20 साल पुराने घरों को 32 प्रतिशत व 20 साल से पुराने घरों को 40 प्रतिशत तक वार्षिक मूल्यांकन पर छूट देने का प्रावधान है, लेकिन जनता को यह छूट नहीं दी जा रही है। इस पर नियमों के मुताबिक कर निर्धारण करने का कहा गया। 

सपा पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिन 30 वार्डों को ठेके पर दिया जाएगा, उसमें सात सौ से ज्यादा कर्मचारी रखे जाएंगे। इसमें करीब 17.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि निगम के कर्मचारियों के रखे जाने पर 10 करोड़ खर्च होंगे। ऐसे में करीब साढ़े सात करोड़ की निगम को चपत लगाई जा रही है। सपा पार्षद की तरफ से नकटिया में वधशाला में निर्धारित 300 से ज्यादा जानवर प्रतिदिन काटे जाने की आशंका जताई गई। ऐसे में कमेटी बनाकर वहां जांच कराने का कहा। इस पर जल्द कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया गया। 
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बैठक में दिखा मतभेद
बोर्ड बैठक में बैठने की व्यवस्था को लेकर भाजपा में भी आपसी मतभेद दिखे, लेकिन बोला कोई कुछ नहीं। दरअसल, भाजपा पार्षद दल की अध्यक्ष शालिनी जौहरी जब आईं तो आगे की सीट पर कुछ भाजपा पार्षद बैठे थे। पार्षद छंगामल मौर्य भी आए तो आगे की सीट नहीं मिली और वह बीच की सीट पर बैठ गए। कुछ देर बाद दोनों को आगे बैठाया गया। सतीश कातिब उर्फ मम्मा को आगे कहीं जगह नहीं मिली तो वह सबसे पीछे वाली सीट पर बैठे।

सपा पार्षदों में हुई तकरार, महापौर ने किया हस्तक्षेप
बैठक में सपा पार्षद राजेश अग्रवाल अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान सपा के ही पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने कुछ कहा। इस पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि वह सभापति से बात कर रहे हैं। नियमानुसार बीच में नहीं बोला जा सकता। इस पर दोनों के बीच हल्की कहासुनी हो गई। महापौर के हस्तक्षेप के बाद पार्षद दल के नेता बैठ गए। 
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