बरेली। तीन नालों की सफाई में लापरवाही पर सहायक अभियंता मुकेश शाक्य ने नगर निगम ठेकेदार इम्तियाज अहमद की फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 3.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बानखाना तिराहे से स्टेट बैंक कालोनी ग्रीन फील्ड स्कूल होते हुए किला नदी तक के नाला सफाई कार्य की जिम्मेदारी इस फर्म को सौंपी गई थी। इस कार्य की स्वीकृति 29 अप्रैल को हुई थी। 30 अप्रैल को कार्यादेश जारी करके एक माह में काम पूरा करने का समय दिया गया था।
क्षेत्रीय अवर अभियंता के निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदार बेहद धीमी गति से काम करा रहा है। काम की गुणवत्ता भी मानक के विपरीत मिली। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। रंगीला की दुकान से वाल्मीकि मंदिर होते हुए गौरी शंकर मंदिर और राजीव काॅलोनी मुख्य मार्ग पर पुलिया से रेलवे आवास तक के नाला के काम में भी लापरवाही मिली।
इन दोनों कार्यों को 21 अप्रैल को स्वीकृति मिली थी। 28 अप्रैल को कार्यादेश जारी किया गया था। दोनों ही कार्यों को पूरा करने की अवधि एक महीना तय की गई थी। अवर अभियंता मौके पर पहुंचे तो पता चला कि अब तक काम ही शुरू नहीं हुआ है।
रंगीला की दुकान वाले कार्य में लापरवाही पर 50 हजार रुपये और राजीव काॅलोनी वाले कार्य के लिए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नोटिस के माध्यम से ठेकेदार इम्तियाज अहमद को अंतिम चेतावनी दी गई है। सहायक अभियंता मुकेश शाक्य ने बताया कि निर्धारित समय के भीतर काम पूरा नहीं किया गया, तो अनुबंध की शर्तों के तहत फर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।