यूरिया की जांच पड़ताल करते अधिकारी।
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बरेली। जिले में बड़े पैमाने पर यूरिया की कालाबाजारी का मामला शासन तक पहुंचने के बाद उस पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को शासन के निर्देश पर आए संयुक्त कृषि निदेशक गुणवत्ता नियंत्रण ने बतौर नोडल अफसर पीसीएफ समेत कई निजी संस्थाओं के भी बफर गोदामों की जांच की। कई गोदामों में खामियां मिलीं जिसे उन्होंने तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। संयुक्त कृषि निदेशक ने बेलवा में उपनिदेशक कृषि के कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की जिसमें यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया।
जिले में लक्ष्य से ज्यादा यूरिया आने के बावजूद संकट बना हुआ है। पिछले दिनों बरेली आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जिले के विधायकों ने बड़े पैमाने पर यूरिया की कालाबाजारी होने की शिकायत की थी। किसानों में हाहाकार मचने के लिए कुछ समय पहले जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी के साथ दूसरे अधिकारियों ने भी छापे मारे थे जिनमें कई समितियों पर भारी गड़बड़ियां भी मिली थीं। शुक्रवार को शासन से आए नोडल अफसर अंशु कुमार विश्नोई ने जिला कृषि अधिकारी के साथ पीसीएफ के बफर गोदाम में स्टाक चेक किया। यह भी देखा कि कितनी यूरिया की सीधी आपूर्ति के साथ दुकानों कितना आवंटन किया गया है। विश्नोई ने कई निजी संस्थाओं के बफर गोदामों की भी जांच की। फुटकर दुकानदारों के यहां भी खाद का स्टाक चेक किया गया। उपनिदेशक कृषि के कार्यालय में समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी पर अफसर निगाह रखे। खाद की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
सैकड़ों बोरी यूरिया खरीदकर कहां खपाईं.. जांच कराएंगे
यूरिया की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी का मामला शासन तक पहुंचने के बाद जिला कृषि अधिकारी ने जिले में सर्वाधिक यूरिया खरीदने वाले 20 लोगों की सूची तैयार कराई है। इस सूची के मुताबिक अकेले चौपारी जनूबी गांव में गुलशन बी ने 593, अनीस अंसारी ने 542 और महमूदन ने 434 बोरी यूरिया खरीदी है। भोजीपुरा की शबीना ने 484, यहीं की रवीना ने 450 और सीकरी के श्रीकांत शर्मा ने 640 बोरियों की खरीद की है। इसी तरह दूसरे कई गांवों में भी ज्यादा यूरिया खरीदने वालों के नाम सूची में शामिल हैं। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक यह जांच कराई जाएगी कि इतनी यूरिया खरीदने वालों ने उसे कहां खपाया।