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Bareilly News: नियमित ट्रेनों में नो रूम, वेटिंग टिकट मिलना भी मुश्किल

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बरेली। दीपावली, भाई दूज और छठ पूजा को लेकर दूसरे राज्यों से कामगारों की घर वापसी शुरू हो गई है। ऐसे में ट्रेनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ज्यादातर नियमित ट्रेनों में नो रूम होने के कारण वेटिंग टिकट मिलना भी बंद हो गया है। विशेष ट्रेनों में भी अब तेजी से बुकिंग हो रही है। कई विशेष ट्रेनों में भी कन्फर्म टिकट मुश्किल हो गया है।
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त्योहार के दौरान बरेली आने-जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनरल कोचों में निर्धारित क्षमता से चार गुना तक यात्री सवार हो रहे हैं। इससे दैनिक यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। पूर्वांचल, बिहार, कोलकाता, पंजाब, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई जाने-आने वाली गाड़ियों पर सबसे ज्यादा दबाव है। रेलवे ने कुछ ट्रेनों में अतिरिक्त स्लीपर कोच भी लगाए हैं। इसके बावजूद 20 नवंबर तक टिकट कन्फर्म नहीं हो रहे। जनरल टिकटों की भी मांग बढ़ गई है।
लंबी दूरी की यात्रा बनी चुनौती

लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन और फ्लाइट के बाद यात्रियों के लिए तीसरा विकल्प बसें होती हैं, लेकिन ये सभी रूटों पर सुविधाजनक नहीं हैं। 1000-1500 किलोमीटर बसों से यात्रा करने में किराया ज्यादा लगता है। बस की यात्रा थकाने वाली भी होती है। हालांकि, परिवहन निगम दिवाली और छठ को देखते हुए पांच से 20 नवंबर तक पूर्वांचल के रूटों पर 50 अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा।
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ऐसे हासिल कर सकते हैं कन्फर्म टिकट
ट्रेन में टिकट बुक करते समय विकल्प चुनना न भूलें। अगर एक ट्रेन में सीट कन्फर्म नहीं होती है तो रेलवे आपको उसी रूट पर चलने वाली किसी अन्य स्पेशल ट्रेन में कन्फर्म सीट दे सकता है। ट्रेन छूटने से तीन-चार घंटे पहले जब पहला चार्ट बनता है तो खाली बची सीटों को करंट बुकिंग के तहत बुक किया जा सकता है। इसमें कभी-कभी टिकट पर डिस्काउंट भी मिलता है।
बरेली होकर 62 से ज्यादा त्योहार विशेष ट्रेनें
त्योहारी सीजन में रेलवे बरेली होकर 62 से ज्यादा विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इसके अलावा 102 नियमित गाड़ियां भी हैं। इन दिनों दिल्ली, पटना, मुंबई, वाराणसी, कोलकाता, पुरी, चंडीगढ़, लुधियाना आदि रूट सबसे ज्यादा व्यस्त हैं। कई बार इन स्पेशल ट्रेनों की घोषणा यात्रा की तारीख से कुछ दिन या हफ्ते पहले ही की जाती है। ऐसे में आईआरसीटीसी की वेबसाइट या एप पर ट्रेनों की स्थिति जांचते रहें। विशेष गाड़ियों का किराया नियमित ट्रेनों के मुकाबले 30-35 फीसदी तक ज्यादा होता है।
वर्जन
इस बार पहले से ज्यादा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। नियमित गाड़ियों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं। विशेष ट्रेनों में आसानी से कन्फर्म टिकट मिल रहे हैं। जरूरत पड़ने पर और विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा और फेरों को बढ़ाया जाएगा। - महेश यादव, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद मंडल
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