बरेली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) धंतिया से रजऊ परसपुर गांव तक 30 किलोमीटर लंबी फोर लेन रिंग रोड का निर्माण 30 सितंबर से शुरू और मार्च 2028 तक पूर्ण कराने का दावा कर रहा है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण अधूरा होने की वजह से इसमें अड़चन भी आ सकती हैं। निर्माण शुरू करने से पहले कम से कम 80 फीसदी जमीन कार्यदायी संस्था को मुहैया करानी होगी। जमीन के बदले भू स्वामियों को 863 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जाना है। अब तक सिर्फ 300 करोड़ रुपये का ही वितरण किया जा सका है। ऐसे में पेच फंसना लगभग तय है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 530बी पर झुमका चौराहा के निकट धंतिया गांव से बड़ा बाइपास पर रजऊ परसपुर गांव के निकट तक रिंग रोड के निर्माण के लिए एनएचएआई) ने मई में ही आरपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया था। रिंग रोड पर अंडरपास, फ्लाईओवर और अन्य स्ट्रक्चर सिक्स लेन होंगे। निर्माण पूरा होने पर बदायूं की ओर से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही नैनीताल और लखनऊ की ओर जा सकेंगे। शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा तो जाम से निजात मिलेगी। ब्यूरो
सितंबर से पहले कार्यदायी संस्था को 80 फीसदी जमीन देने की तैयारी है। बाकी जमीन काम शुरू होने के बाद दी जाएगी। अगर कोई बाधा नहीं पड़ी तो मार्च 2028 तक परियोजना पूर्ण हो जाएगी। - अश्वनी चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
जानिए, कहां क्या बनेगा
रिंग रोड पर चार बड़े और सात छोटे पुल, चार रेल ओवरब्रिज, दो अंडरपास, 10 लाइट व्हीकल अंडरपास, पांच लघु अंडरपास और तीन ट्रंपेट इंटरचेज (दो सड़कों को जोड़ने के लिए लूप रैंप) का निर्माण होगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक का तबादला
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया का स्थानांतरण गांधीनगर के लिए कर दिया गया। एनएचएआई मुख्यालय ने उनके स्थान पर प्रशांत वाजपेयी को कार्यवाहक परियोजना निदेशक का पदभार संभालने का आदेश दिया है।