ये होंगे बदलाव
- मोबाइल फोन चोरी या छिनैती के मामले में पुलिस पहले लूट जैसी गंभीर धारा लगाने से बचती थी। इसलिए ऐसे मामले कम ही दर्ज होते थे। अब इसके लिए नई धारा की व्यवस्था की गई है। इसलिए इसे दर्ज करने में अड़चन नहीं आएगी। मोबाइल फोन मिलने पर असली मालिक को आसानी से सौंपा जा सकेगा।
- दुकान से सामान उठाकर ले जाने पर भी लूट जैसी गंभीर धारा लगाने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस इसे शॉप लिफ्टिंग की धारा में दर्ज कर राजफाश कर सकेगी।
- बसों या ट्रेनों में सफर कर रहे लोग आसानी से ऑनलाइन ही अपने सामान की चोरी या छिनैती की रिपोर्ट दर्ज करा सकेंगे। यह मामले पहले शून्य अपराध संख्या पर दर्ज होंगे। बाद में इन्हें क्षेत्र के हिसाब से संबंधित थाने को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
- महिलाएं मायके या ससुराल में कहीं भी उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करा सकेगी।
- नए कानून में महिलाओं और बच्चों के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। इनके प्रति होने वाले अपराधों में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
- बच्चों से कोई अपराध कराया गया तो संबंधित व्यक्ति पर अलग से धारा लगाकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में आरोपी पर दो से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए तो संगठित अपराध की श्रेणी में कार्रवाई करके उम्रकैद तक कराई जा सकती है।
- पुलिस को तत्परता से मामलों में चार्जशीट या एफआर लगानी होगी। पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी, वादी या उसके रिश्तेदार के मोबाइल फोन पर इसकी सूचना जाएगी। कोर्ट भी चार्जशीट मिलने के दो माह के बाद ट्रायल शुरू कर देगा। इससे जल्दी सजा का आधार तैयार होगा।