बरेली। पिछले वर्ष मलेरिया के मरीजों की संख्या में करीब 40 फीसदी कमी हुई थी। इसे बरकरार रखते हुए प्रभावी कार्रवाई के लिए शुक्रवार को डीएम अविनाश कुमार ने जिला स्वास्थ्य समिति में संचारी रोग नियंत्रण की बैठक की। लापरवाही बरतने पर आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के लिए कहा।
कलक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान डीएम ने दस्तक अभियान में आशा समेत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी घर-घर जाने के लिए कहा। ताकि अभियान का बेहतर संचालन हो सके। इसमें किसी भी स्तर पर कार्रवाई की हिदायत दी। अक्सर ड्यूटी से गायब रहने वाले सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को निर्देशित किया। सीएचसी और पीएचसी पर भी चिकित्साधिकारियों की उपस्थिति की निगरानी के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर को गांव में फॉगिंग और शिक्षा अधिकारियों को हर संभव सहयोग के लिए निर्देश दिए।
अभियान के तहत प्रत्येक परिवार के बच्चों को पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित करने को कहा। आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी, आशा व एएनएम का सौ फीसदी भुगतान, आभा आईडी बनाने और मलेरिया पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण इलाकों में विशेष निगरानी को कहा है।
स्वस्थ हुए जन्मजात रोग से ग्रसित बच्चे सम्मानित
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत निशुल्क इलाज से स्वस्थ जन्मजात रोगों से ग्रसित बच्चों को शुक्रवार को डीएम और सीएमओ ने सम्मानित किया। इनमें दिल में छेद, कटे होंठ, तालू, क्लब फुट, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, जन्मजात मोतियाबिंद के 50 मरीज रहे। यहां आरबीएस के जिला मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित, डॉ. राकेश, डॉ. प्रशांत रंजन अन्य मौजूद रहे।