ये हुई लापरवाही
- दातागंज की ओर दीवार इतनी कमजोर बनाई गई कि लोगों ने तोड़ दिया।
- जहां दीवार बनाई गई, वहां कोई संकेतक भी नहीं लगाया गया, जिससे लोग सचेत हो सकें।
- फरीदपुर की ओर कटे पड़े संपर्क मार्ग पर भी संकेतक नहीं लगाए गए।
मौके पर लगाया ईंटों का चट्टा, दीवार बनाने का दावा फर्जी
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार ने रविवार को अपराह्न तीन बजे बताया कि डीएम के निर्देश के बाद अभियंताओं को मौके पर भेजकर सुरक्षा दीवार फिर से बनवाई गई है, लेकिन शाम पांच बजे जब अमर उजाला ने ग्रामीणों से बातचीत की तो उन्होंने मौके के फोटो भेजे। फोटो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि टूटी दीवार की जगह सिर्फ ईंटों का चट्टा लगाया गया है।
पुल सेतु निगम ने बनाया था। पीडब्ल्यूडी जब संपर्क मार्ग बना रहा था, तभी नदी की धारा बदलने लगी और दूसरी ओर का अप्रोच रोड कट गया। आईआईटी रुड़की के अभियंताओं की टीम को अध्ययन करके बताना है कि पुल को आगे बढ़ाया जाए या धारा को रोकने के उपाय किए जाएं। मॉडल स्टडी के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर अगली कार्रवाई होगी। अप्रोच रोड बहने के बाद पुल पर आवागमन रोकने के लिए दीवार बनाई गई थी। संकेतक भी लगाए गए थे। - नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
आंकड़ों की नजर से
- 30 लाख रुपये का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी के मुख्यालय में है लंबित
- 42 करोड़ रुपये की लागत से बना था करीब 700 मीटर लंबा पुल
- 14 माह में अप्रोच रोड बनाने का निर्णय नहीं ले सका पीडब्ल्यूडी