पीलीभीत रोड पर मुड़िया अहमद नगर गांव में नाथनगरी एयरपोर्ट सिंगापुर के एयरपोर्ट जैसा खूबसूरत बनेगा। इसके निर्माण का ठेका चेन्नई की कंपनी को दिया गया है। दो नवंबर को लखनऊ में बैठक होने के बाद कंपनी जल्द की भवन और टैक्सी-वे बनाने का काम शुरू कर देगी। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि तीन महीने मेें वह टैक्सी-वे बनाकर हवाई सेवा चालू कर देंगे। बाकी भवन बनाने का काम चलता रहेगा।
मुड़िया अहमद गांव में 150 बीघा से अधिक जमीन पर नाथनगरी एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले साल मार्च में 2.96 करोड़ रुपये की लागत से 1300 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल के निर्माण का काम राजकीय निर्माण निगम ने शुरू किया, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि निगम के पास काम खत्म करने के लिए सिर्फ एक महीने का समय ही बचा है। बाउंड्रीवाल का काम पूरा करने के लिए कुछ किसानों की करीब आधा हेक्टेयर जमीन ओर लेनी है, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अभी तक जिला प्रशासन को ऑफर लेटर नहीं दिया है। इसकी वजह से बाउंड्रीवाल का काम लटकने की आशंका है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि चेन्नई की कंपनी को एयरपोर्ट के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। इसी कंपनी ने सिंगापुर का एयरपोर्ट बनाया है। एयरपोर्ट में 108 करोड़ रुपये की लागत से टैक्सी-वे और भवन बनाने का काम होना है। इसी को लेकर दो नवंबर को लखनऊ में नागरिक उड्डयन विभाग, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की मौजूदगी में एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों के साथ बैठक होनी है। बैठक में एसएलओ/सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह जा रहे हैं। लखनऊ में होने वाली बैठक में ऑफर लेटर भी मिल जाएगा, क्योंकि इन सब मुद्दों पर एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने पहले ही फैसला ले लिया है।
बाउंड्रीवाल न लगा दे अड़ंगा
पीलीभीत रोड की तरफ 296 मीटर बाउंड्रीवाल फ्रंट में बननी है। इसमें मयूर वन चेतना से लगी हुई से 87 मीटर बाउंड्रीवाल के निर्माण को अभी बुनियाद खोदी गई है। इसे बनने में करीब एक महीना लग जाएगा। दक्षिण दिशा में 264 मीटर बाउंड्रीवाल बन चुकी है। लो लैंड एरिया में 28 मीटर बाउंड्रीवाल का निर्माण हुआ है। इसके अलावा 104 मीटर त्रिशूल एयरबेस की तरफ बनी है, लेकिन उत्तर दिशा में कुछ कि सानों की जमीन एयरपोर्ट अथरिटी को लेेनी है। इसका विवाद अभी तक नहीं निपटा है। जिसकी वजह से उस तरह करीब 400 मीटर बाउंड्रीवाल का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
किसानों की जमीन देने के लिए सहमति मिलने के बाद ही राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों से कब्जा लेने को कह दिया गया है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम को भी भेजा गया था। राजस्व विभाग की टीम ने निशान लगा दिए हैं। इसके बाद भी कोई दिक्कत है तो निगम के अधिकारी बताएं। 24 घंटे में फोर्स दिलाकर कब्जा दिला दिया जाएगा।
- यूपी सिंह, एसएलओ/ सिटी मजिस्ट्रेट