बचपन में टीवी देखते वक्त टाइम मशीन के बारे में जाना। उत्सुकता जगी तो बरेली के गांधीपुरम क्षेत्र के निवासी बाल विज्ञानी श्लोक सिंह ने इससे जुड़े विषय पर शोधपत्र तैयार कर डाला। आइंस्टीन के सिद्धांत पर आधारित इस शोधपत्र के जरिये छात्र ने तकनीकी की मदद से अतीत में जाने का सुझाव दिया है। छात्र के इस शोधपत्र की अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सराहना की है।
श्लोक सिंह का कहना है कि बीते वक्त में पहुंचना नामुमकिन है, क्योंकि वर्तमान में मौजूद तकनीकी इतनी समृद्ध नहीं है। फिर भी प्रयास किया जाना चाहिए। छात्र का कहना है कि कॉस्मोलॉजिकल एरो ऑफ टाइम के मुताबिक, समय वर्तमान से भविष्य की ओर चलता है। इसे अगर विपरीत स्थिति में परिलक्षित किया जा सकता, तो बीते वक्त में लौटना संभव था।