नकटिया नदी को तो बिल्डर दबा गए
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह भले ही प्राकृतिक संपदा नदी, तालाब और जलाशयों को भूमाफियाओं से मुक्त कराने के दावे कर रहे हैं लेकिन यहां किला के साथ नकटिया नदी की जमीन भी बिल्डर दबाए जा रहे हैं। एक बिल्डर नकटिया नदी के अंदर ही कालोनी काट रहे हैं। नदी के अदंर तक बाउंड्रीवाल खड़ी हो चुकी है। ये ब्राउंउीवाल आगे तक बढ़ाई जा रही है। ग्रीन पार्क और गोल्डन ग्रीन पार्क के पीछे बिल्डर ने कूड़ाघर बनाकर नदी को पाटना शुरू कर दिया है। ठिरिया निवाजत खां में शहर के एक बड़े बिल्डर नदी की जमीन के किनारे ढाई हजार आवासों की कालोनी बना रहे हैँ। इसमें भी नदी की काफी जमीन कालोनी में दबाए जाने की शिकायतें शासन को भेजी गई हैं। ये कालोनी बीडीए से एक बार सील भी की गई थी लेकिन बाद में बीडीए इंजीनियरों ही कालोनी बनाने में मदद करने लगे।
नकटिया नदी सबसे प्रदूषित नदी है। इस नदी में सैकड़ों नाले गिरते हैं। आगे चलकर ये नदी रामगंगा में मिलती है और रामगंगा फर्रुखाबाद की सीमा में गंगा में विलय होती हैं। डोहरा रोड पर एक लॉन के बगल में नदी के किनारे की जमीन पर चार प्राइवेट बिल्डरों ने कालोनी काट रखी है। यहां दर्जनों प्लाट काटकर उनमें बाउंड्रीवाल बनाई जा चुकी है। डोहरा रोड से ये नदी खेतों के किनारे होकर हरूनगला पहुंचती है। स्थानीय बाशिंदों के मुताबिक बीसलपुर रोड पर अवधेश बिल्डर की कालोनी नकटिया नदी के किनारे अनाधिकृत डलावघर के ऊपर कट रही है। नदी के अंदर तक प्लाटिंग कर बाउंड्रीवाल कराई जा चुकी है। अमर उजाला टीम को मौके पर कोई बिल्डर नहीं मिला। काम भी बंद था। इनके अलावा जो बिल्डर नदी पर कब्जा कर प्लाटिंग करने में लगे हैं उनमें ज्वाली, पप्पू, शिवेंद्र, शैलेंद्र की प्लाटिंग है। विशाल सिटी के पीछे, सुपर सिटी के पीछे भी नदी की जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। दोनों कालोनियों की दीवार नदी की जमीन दबाकर बनाई गई है। ग्रीन पार्क और गोल्डन ग्रीन पार्क कालोनियों का नहर की जमीन पर बसाने को लेकर सिंचाई विभाग का शोबती बिल्डर से न्यायालय में विवाद पहले ही चल रहा है।
नदी को बना डाला डलावघर
शोबती बिल्डर की दोनों कालोनियों के हजारों घरों का कूड़ा पीछे के गेट से डलवाकर नकटिया नदी पाट रहा है। नदी का काफी बड़ा हिस्सा पट चुका बिल्डर ने अपनी कालोनियों का कूड़ा शहर से बाहर ले जाने के इंतजाम नहीं किए हैं। नगर निगम कर्मचारी प्राइवेट कालोनी का कूड़ा अपनी गाड़ियों में नहीं ले जाते हैं। इस वजह से नदी का बड़ा हिस्सा डलावघर में तब्दील हो चुका है।
सीवर भी नदी में खोला
इतना ही नहीं, शोबती बिल्डर ने अपनी दोनों कालोनियों का सीवर भी नदी की ओर खोल रखा है जो कि नदी के पानी को प्रदूषित कर रहा है। कालोनी में हजारों की संख्या में सीवर और नालों का गंदा और प्रदूषित पानी नदी की ओर जाता है। ये प्रदूषित पानी नकटिया नदी के रास्ते पहले रामगंगा और बाद में गंगा को प्रदूषित कर रहा है।
बीडीए की शह पर कब्जा
बीसलपुर रोड से शाहजहांपुर रोड होते हुए भी किनारे बने सैकड़ों मकान की जमीन दबा रहे हैं। ठिरिया निजावत खां में धनराज बिल्डर की बड़ी कालोनी बीडीए इंजीनियरों की देखरेख में बिना नक्शा स्वीकृत कराए बन रही है। एक बार बीडीए ने ये कालोनी दिखावे के लिए सील भी की थी क्योंकि बिल्डर खुद बीडीए में नौकरी कर चुके हैं। इस कालोनी के निर्माण में भी नदी की जमीन दबाने की शिकायत राजस्व विभाग में की गई थी।