बरेली। अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है। रविवार को टीमों ने दस सेंटरों की जांच की। पंजीकरण नहीं होने और अप्रशिक्षित स्टाफ मिलने पर चार सेंटरों को सील कर संचालकों से जवाब तलब किया गया है। सीएमओ ने इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह की ओर से डीम को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को टीम सुभाषनगर बदायूं रोड पर संचालित ओशो गंगासागर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंची। संचालक मौजूद थे। पंजीकरण उनके नाम से था, मगर पोर्टल पर बिजनौर की डॉ. मंजू का नाम दर्शा रहा था। नामांतरण के लिए आवेदन कर रखा है। देवचरा के पल्लवी और रिगार्ड अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिले। पूर्व में प्राप्त अवैध संचालन की शिकायत पर इन्हें सील कर दिया गया।
राजेंद्र नगर के अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर के पंजीकरण का ऑफलाइन आवेदन था। सेंटर डॉ. पूजा के नाम से था, मगर आवेदन बाद में किए जाने की वजह से सीलिंग की कार्रवाई कर जवाब तलब किया है। फोकस डायग्नोस्टिक सेंटर पर कोई अनियमितता नहीं मिली। बीके पलक चाइल्ड, मैटरनिटी एंड ट्रामा सेंटर भमौरा के निरीक्षण के दौरान सेंटर डॉ. पलक के नाम से पंजीकृत मिला। उनका नाम एटा में भी पंजीकृत है। एटा से नाम हटाए जाने के लिए उन्होंने आवेदन पत्र दिखाया।
दस्तावेज नहीं मिले, अवैध संचालन की आशंका
फतेहगंज पूर्वी में जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित मिला। सेंटर पर मौजूद कर्मियों के पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। सेंटर को सील कर दिया गया है। पास के ही भारत अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कोई अनियमितता नहीं मिली। रिठौरा का श्री जीतराम स्मारक अस्पताल बंद मिला। नैनीताल रोड स्थित नम्रता डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन भी नियमानुसार हो रहा था। सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बगैर पंजीकरण के संचालित सेंटरों को तत्काल बंद करने की हिदायत दी है।