फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया भर में है तबाही का मंजर सादगी से ईद मनाएं मुसलमान

विज्ञापन
आला हजरत। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की अपील, कहा- गरीबों का ख्याल रखें और भीड़भाड़ से बचें

बरेली। दरगाह आला हजरत के प्रमुख नबीरे आला हजरत मौलाना मोहम्मद सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने आवाम के लिए कोरोना संकट से निजात की दुआ करते हुए ईद को सादगी से मनाने की अपील की है।
विज्ञापन

सुब्हानी मियां ने कहा है कि कोरोना की वजह से इस वक्त दुनिया परेशान है। बहुत से लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं और न जाने कितने लोग जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन की मजबूरी से भी बेशुमार लोग भुखमरी और बेरोजगारी का शिकार हो रहे हैं। सुब्हानी मियां ने कहा कि ऐसे में जब हर तरफ तबाही का खतरनाक मंजर दिखाई दे रहा हो तो कोई भी नए कपड़े पहनकर ईद की खुशियां कैसे मना सकता है।
उन्होंने कहा कि ईद में भी नमाज-ए-ईद पढ़ने की इजाजत मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे। लिहाजा मुसलमान किसी भी धूमधाम से दूर रहें और सब्र के साथ सादगी से ईद मनाएं। गरीबों का ख्याल रखते हुए अल्लाह की बारगाह में तौबा करें। भीड़-भाड़ से बचने के साथ सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखें।

कुरआन की तिलावत और रोजा से होगी शफाअत

तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि रमजान मुबारक में खुदा ने एक खास तोहफा नाजिल फरमाया, वो है आखिरी आसमानी किताब कुरआन शरीफ का आखिरी पैगंबर पर नाजिल होना जिसके बाद कयामत तक न कोई किताब आएगी न कोई पैगंबर। कुरआन शरीफ का रमजान में नाजिल होना बहुत बड़ी अजमत की बात है। रमजान में तरावीह पढ़ना और रोजाना तिलावत करना बहुत सवाब का काम है। उन्होंने कहा कि हदीस शरीफ में है कि रोजा और कुरआन दोनों कयामत के दिन शफाअत करेंगे, रोजा कहेगा ऐ खुदा मैंने इसको दिन में खाने-पीने से रोक रखा था, मेरी शफाअत इसके हक में कबूल फरमा और कुरआन कहेगा कि मैंने इसको जगाए रखा, इसलिए मेरी शफाअत कबूल फरमा तो दोनों की शफाअत कबूल की जाएगी।

उर्स-ए-नर्सरी का आगाज

बरेली। लॉकडाउन के बीच काफी सादगी से नौमहला की दरगाह शरीफ पर उर्से नर्सरी का आगाज हुआ। अकीदतमंदों को दरगाह पर जमा न होने की हिदायत दी गई साथ ही लंगर तबर्रुक घरों पर पहुंचाने का बंदोबस्त किया गया। लोगों से कुल की रस्म भी घरों पर अदा करने की अपील की गई है। दरगाह शरीफ पर सुबह कुरान खानी और शाम को असर की नमाज के बाद साबिर पाक की नजर पेश की गई। दरगाह के खादिम सूरी वसीम मियां साबरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे हजरत नासिर मियां के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी और 15 मई को शाम को असर की नमाज के बाद बड़ा कुल शरीफ होगा। दरगाह शरीफ पर सिर्फ फातेहा ख्वानी होगी। सभी अकीदतमंद घरों पर कुल शरीफ मनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें