उझानी (बदायूं)। मोहल्ला बहादुरगंज निवासी मसीह चरन की विधवा बच्ची देवी (75)
की उसके ही नशेड़ी पुत्र भोला के ईंट से सिर कुचल कर हत्या करने के मामले में भोला की मंगलवार सुबह हकीकत का पता लगा। घर और उसके आंगन के हालात को देख कर हर किसी को यही लग रहा था कि वृद्धा को उसके बेटे ने बड़ी ही बेरहमी से मौत के घाट उतारा होगा। इसकी पहली गवाही तो खून से सनी ईंट ही देने के लिए काफी है, लेकिन कटोरा में थोड़ी सी सब्जी और पास में बिखरी पड़ी रोटियों से यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि वृद्घा के भूखे पेट को रोटियां भी नसीब नहीं हो सकीं।
मंगलवार सुबह बच्ची देवी के घर का जो नजारा था, वह घर के अंदर वृद्धा के साथ बेरहमी की कहानी बयां करने के लिए काफी था। कमरे में बर्तन फैले पड़े थे। चारपाई की पाटी भी टूटी थी। यही नहीं रोजमर्रा इस्तेमाल के कपड़े भी बिखरे पड़े थे। आंगन की ओर नजर दौड़ाते ही हर कोई यही सोच कर सिहर उठा कि भोला को आखिर क्या हो गया था जो उसने अपनी मां की इतनी बर्बरता से उसकी जान ली। आंगन की हालत देख एक बात तो साफ है कि घर के अंदर शाम तक सबकुछ ठीक था। अगर ठीक नहीं होता तो बच्ची देवी खुद और अपने बेटे के लिए खाना नहीं पकाती। भोला ने हैवानियत तो सुल्फा पीने को रुपये नहीं मिलने के बाद ही की होगी। घर के आंदर तांडव भी उसी ने किया, वरना तो मारपीट के दौरान घर के कमरा और आंगन में सबकुछ तहस-नहस नहीं होता। भोला को तो सुल्फा की जरूरत थी, सो उसने वृद्धा को भी खाना नहीं खाने दिया था।
नंदू की बात मानी होती तो बच जाती वृद्धा की जान
उझानी। छोटे भाई भोला की हरकतों से नंदू भी परेशान रहने लगा था। वह दिल्ली में काम जरूर करता था, लेकिन दो-चार दिन के अंतर से मां बच्ची देवी से बात कर भोला के बारे में भी जानकारी कर ही लेता था। पिछले महीने जब भोला ने घर में उत्पात मचाया था तो नंदू ने मां से कहा था कि भोला को उसके कर्मों की सजा भुगतने दो, मेरे साथ दिल्ली में रहोगी तो उसकी अक्ल भी ठीक हो जाएगी, लेकिन कुदरत को तो कुछ ही मंजूर था। इसी के चलते बच्ची देवी ने छोटे बेटे का साथ नहीं छोड़ा और अब वही उसका काल बन गया। बता दें कि मृतका की नौ संतानों में दो बेटे और सात बेटियां थीं, लेकिन एक बेटी की पहले ही मौत हो चुकी है। छह बेटियों की शादी भी हो चुकी है।
पोस्टमार्टम कराकर मृतका के शव को उसके बड़े बेटे नंदू समेत परिवार को सौंप दिया गया है। घर में घटना के दौरान मां-बेटे के अलावा कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। तड़के ही परिवार के लोग भी आ गए थे। खून से सनी ईंट को बरामद कर लिया गया है।
- विनोद कुमार चाहर, कोतवाल।