बरेली। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मंगलवार को 4.71 अरब की आय और 4.60 अरब के व्यय के बजट को मंजूरी दी गई। इस बजट में वंचित इलाकों में पानी की सप्लाई, सीवर लाइन, कच्ची गलियों को पक्का कराने के साथ नालों की सफाई के प्रस्तावों को प्रमुख तौर पर शामिल किया गया है।
कार्यकारिणी की बैठक का फोकस नगर निगम सीमा क्षेत्र में घर-घर पेयजल पहुंचाने पर रहा। मेयर उमेश गौतम ने बताया कि पेयजल आपूर्ति पर 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जहां पाइप लाइन नहीं है, वहां पाइप लाइन बिछवाकर कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 25 करोड़ रुपये 15वें वित्त आयोग की मद से भी खर्च होंगे। 21 करोड़ का बजट सीवर लाइन पर भी खर्च होगा। इसके अलावा बजट में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर आठ करोड़, स्वच्छ भारत मिशन पर चार करोड़, नालों की सफाई पर 9.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
कार्यकारिणी में तय हुआ कि नगर निगम निधि से 60 करोड़ रुपये से कच्ची गलियों को पक्का किया जाएगा। पर्यावरण सुरक्षा के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक नई गौशाला के निर्माण पर भी दो करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया। शहर 25 पार्कों के सौंदर्यीकरण पर दो करोड़ और पथ प्रकाश व्यवस्था पर 13 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया। बैठक में नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, अपर नगर आयुक्त श्यामलता आनंद, मुख्य अभियंता निर्माण विभाग भूपेश कुमार सिंह, एक्सईएन संजय सिंह चौहान आदि अधिकारी भी मौजूद रहे।
तीन दुकानें हमारी अवैध तो आठ तुम्हारी
बरेली। कार्यकारिणी बैठक में नावल्टी और नौमहला रोड पर बनी दुकानों को लेकर भाजपा और सपा के पार्षदों में जमकर नोकझोंक हो गई। हंगामा बढ़ा तो मेयर ने मामले की जांच का निर्देश दे दिया।
उपसभापति संजय राय, पार्षद राजकुमार गुप्ता और कपिल कांत की ओर से नौमहला रोड पर अवैध रूप से तीन दुकानें बनाए जाने का मुद्दा उठाया तो सपा के पार्षद शमीम अहमद ने हंगामा शुरू कर दिया। शमीम अहमद ने उनसे कहा कि पहले नावल्टी पर बनी आठ दुकानों पर बात करिए। भाजपा पार्षद नौमहला रोड पर बनी दुकानों को अवैध बताते रहे और सपा के पार्षद नावल्टी पर बनी दुकानों को। काफी हंगामे के बाद मेयर उमेश गौतम ने निगम के अधिकारियों को दोनों स्थानों पर बनी दुकानों पर जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
वार्डों से कूड़ा उठाने को आए टेंपो कहां गए
पार्षदों ने कूड़ा गाड़ियों का भी मुद्दा उठाया। कहा, पिछली बार नगर निगम ने सभी 80 वार्डों को कूड़ा उठाने के लिए एक-एक टेंपो दिया था। स्टोर से टेंपो जारी होने के एक महीने बाद भी वार्ड नौ, 63 और 66 में नहीं पहुंचा। पार्षदों ने सवाल किया कि स्टोर से जारी हुए टेंपो कहां गए। मेयर ने इस मामले में भी जांच के निर्देश दिए।