बरेली। सुरेश शर्मा नगर स्थित नगर निगम के जोनल कार्यालय में टैक्स बिलों की त्रुटियां दूर करने की जगह लिपिक पत्रावलियों को अटका रहे हैं। इसके चलते करदाता चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी के आकस्मिक निरीक्षण में भी बुधवार को इसकी पुष्टि हो गई।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने 20 से अधिक ऐसे मामले पकड़े, जिनकी पत्रावली अटकी हुईं थीं और करदाता परेशान हो रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि इससे जहां नगर निगम को राजस्व हानि हो रही है वहीं, करदाता को भी टैक्स जमा करने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
मामले में लिपिक का जवाब तलब कर अंतिम चेतावनी दी गई है। अगर इसके बाद भी सुधार नहीं होता है और कोई धांधली पकड़ी जाती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जोनल अधिकारी राजवीर सिंह भी मौजूद रहे। ब्यूरो
यह मामले पकड़े :
केस - 01
मुंशीनगर निवासी पूर्व पार्षद कमलेश कुमार गंगवार का नाम टैक्स के बिल में कमलेश कुमार सिंह कर दिया गया। कमलेश कुमार सिंह जोनल कार्यालय में 19 जून से चक्कर काट रहे हैं। डेढ़ महीने बाद भी नाम सही नहीं हुआ।
केस - 02
संजय नगर निवासी महेंद्र सिंह की पत्रावली 26 जून से लिपिक के पास अटकी है। बिल पर पुरानी भवन संख्या का जिक्र न होने की वजह से करदाता को परेशान होना पड़ रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने लिपिक से बिल में भवन संख्या अंकित कराई।