फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली:  अफसरों ने बरसाए फूल... इधर सात फेरे, उधर निकाह कबूल

Sat, 16 Dec 2023 01:43 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बरेली क्लब में 553 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ। 434 जोड़ों ने सात फेरे लिए और 119 जोड़ों के निकाह काजी ने पढ़वाए। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शुक्रवार को बरेली क्लब में हुए आयोजन में 553 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। इसमें 434 जोड़ों ने सात फेरे लिए और 119 जोड़ों के निकाह काजी ने पढ़वाए। अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने फूल बरसाकर वर-वधू को आशीर्वाद दिए। गृहस्थ जीवन में प्रवेश के अवसर पर उनको उपहार भी भेंट किए गए।

विज्ञापन


समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए युवक और युवतियां सुबह नौ बजे से ही बरेली क्लब मैदान में पहुंचने लगे थे। दोपहर 12 बजे वैवाहिक समारोह शुरू हुआ। गायत्री परिवार की वेदपाठी महिलाओं ने फेरे कराए। वेद मंत्रों की गूंज के बीच युवक और युवतियों ने जीवनसाथी बनने के लिए कदम बढ़ाए। जो आवेदक इस बार वंचित रह गए हैं, पात्रता की जांच के बाद उनके लिए 14 जनवरी के बाद फिर आयोजन होगा।

बहेड़ी ब्लाॅक से आए सबसे अधिक जोड़े
बहेड़ी ब्लॉक से सबसे अधिक 178 जोड़े आए। नगर निगम बरेली से सिर्फ एक जोड़ा शामिल हुआ। नगर पंचायत शेरगढ़ व फतेहगंज पश्चिमी से दो-दो जोड़ों की भागीदारी रही। आलमपुर जाफराबाद के 46, मझगवां के 33, रामनगर के 30, दमखोदा के 49, शेरगढ़ के 68, नवाबगंज के 53, भदपुरा के 49, नगर पालिका आंवला के 15, नगर पंचायत सिरौली के चार, नगर पंचायत धौराटांडा के 20, नगर पालिका बहेड़ी के तीन जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे।
विज्ञापन


ये रहे मौजूद
जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, महापौर उमेश गौतम, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, नवाबंगज विधायक डॉ. एमपी आर्या, वन एवं पर्यावरण मंत्री के प्रतिनिधि अनिल कुमार, डीएम रविंद्र कुमार, सीडीओ जगप्रवेश, परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, डीसी मनरेगा हसीब अंसारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा, डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

बचाव में जुटा ठेकेदार
बच्चों से जूठन उठवाने वाला ठेकेदार सख्ती के बाद शुक्रवार को बचाव की मुद्रा में दिखा। शुक्रवार को एक भी बच्चे काम करते नहीं दिखे। अचानक लोगों की कमी पड़ी तो सफाई कर्मचारी लगाए गए। समाज कल्याण अधिकारी से मिलकर ठेकेदार ने कहा कि बच्चे उसके रिश्तेदार थे। निशुल्क सेवाएं दे रहे थे। हालांकि, बृहस्पतिवार को ठेकेदार ने खुद ही कहा था कि बड़े मिलते नहीं तो क्या करें, बच्चों को लेकर आए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें