बरेली। पिछले 10 वर्षों में विद्युत निगम की ओर से नलकूप के 700 से अधिक नए कनेक्शन जारी हुए हैं। इसके बाद भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रामाशंकर शर्मा के पुत्र संतोष कुमार शर्मा को अभियंता वर्ष 2015 से दौड़ा रहे हैं। इसको लेकर निगम की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
महेशपुरा ठाकुरान निवासी संतोष कुमार शर्मा ने बीते दिनों ही इस मामले की शिकायत फिर से दर्ज कराई है। बताया कि उन्होंने उन्होंने कृषि भूमि पर नलकूप लगवाने के लिए आवेदन करने के बाद 19 अक्तूबर 2015 को 11,925 रुपये जमा किए थे। इसके बाद से उन्हें दौड़ाया जा रहा है।
स्टोर से अब तक सामान ही उपलब्ध नहीं कराया गया। यही नहीं वर्ष 2022 में विद्युत निगम ने उनके नाम पर 1.46 लाख रुपये का बिल भी जारी कर दिया। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई तो इस बिल को निरस्त किया गया। कनेक्शन उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है।
संताेष के नाम पर किसे दिया कनेक्शन हो रही जांच
पीड़ित संतोष की कृषि भूमि पर नलकूप लगे बिना ही बिल जारी होने के साथ आरसी जारी कर दी गई। अंदेशा जताया जा रहा है कि संतोष के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति को स्टोर से सामान दे दिया गया होगा। इसके बाद ही बिल जारी हुआ। सवाल उठने पर इस बिल को ही निरस्त कर दिया गया। इस मामले में अब मुख्य अभियंता ने जांच के आदेश एक्सईएन को दिए हैं।
निजी नलकूप देने का यह है नियम
नलकूप कनेक्शन देने की समय सीमा राज्य और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग होती है। शहरी क्षेत्रों में आमतौर पर तीन से सात दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 30 दिन का समय रहता है। उत्तर प्रदेश में कनेक्शन देने की समय सीमा 30 दिनों तक रखी गई है। संवाद
मामला जानकारी में है। बिल कैसे जारी हुआ यह जांच का विषय है। जांच की जा रही है। 10 वर्षों में कनेक्शन न मिलना भी कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में लाता है। आवेदक को कनेक्शन दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होगी। - ज्ञान प्रकाश, मुख्य अभियंता