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कक्षाओं के संचालन की निगरानी शुरू, मांगी उपस्थिति की रिपोर्ट

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demo photo - फोटो : अमर उजाला
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संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा ने आदेश जारी कर मांगी 20 दिनों तक उपस्थिति की रिपोर्ट

बरेली। 16 अगस्त से महाविद्यालयों में द्वितीय वर्ष की कक्षा संचालित करने के आदेश के बावजूद क क्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। जिसकी जानकारी मिलने पर अब शासन ने निगरानी शुरू कर दी है। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा ने कुलसचिव, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी और सभी प्राचार्यों से कक्षाओं में उपस्थित छात्रों की सूचना मांगी है। 20 दिनों तक हर दिन छात्रों की उपस्थिति की रिपोर्ट देनी होगी।
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमने के बाद शासन ने स्कूल और महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय परिसर और महाविद्यालयों में 16 अगस्त से द्वितीय वर्ष, एक सितंबर से स्नातक प्रथम वर्ष, छह सितंबर से स्नातक तृतीय वर्ष और 13 सितंबर से परास्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाएं संचालित किए जाने के निर्देश हैं। विश्वविद्यालय परिसर में तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएं और महाविद्यालयों में द्वितीय वर्ष की कक्षाएं संचालित होंगी लेकिन परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षा के चलते महाविद्यालयों में कक्षाएं संचालित नहीं हो सकी हैं। हाल ही में परास्नातक की लिखित और मौखिक परीक्षा खत्म हुई है।
स्नातक की लिखित परीक्षा 23 अगस्त और प्रयोगात्मक परीक्षाएं 19 से 28 अगस्त तक होंगी। अब शासन से रिपोर्ट मांगने के बाद रोजाना उपस्थिति का रिकार्ड भेजना मुश्किल होगा। दोपहर दो बजे तक क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को उपस्थिति का रिकॉर्ड देना होगा। जिसे क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी शाम चार बजे तक उच्च शिक्षा निदेशक कार्यालय में मेल पर देंगी।

तृतीय सेमेस्टर की संचालित होंगी कक्षाएं

विश्वविद्यालय परिसर में पादप विज्ञान और माइक्रोबॉयोलॉजी के तृतीय सेमेस्टर के छात्रों की कक्षाएं 23 अगस्त से शुरू होंगी। चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्य ने बताया कि द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं हो गई हैं। प्रथम सेमेस्टर में अभी प्रवेश होने बाकी हैं। ऐसे में तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। जल्द ही विश्वविद्यालय परिसर में अन्य पाठ्यक्रमों की कक्षाएं भी संचालित हो जाएंगी।

छात्रावास के लिए टीकाकरण जरूरी होगा

शासन के दिशा-निर्देशों के तहत छात्रावासों में भी कोरोना नियम का पालन करना जरूरी है। इससे पहले छात्रों से कोरोना की जांच रिपोर्ट मांगी जा रही थी लेकिन अब कोरोना की वैक्सीन लगायी जा रही है। ऐसे में छात्रावास में रहने वाले छात्रों से टीकाकरण की रिपोर्ट मांगी जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में भी समय-समय पर टीकाकरण शिविर लगाया जा रहा है। छात्र यहां भी टीकाकरण करा सकते हैं।
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