आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां मिल्ली इत्तेहाद की मुहिम पर देवबंद के बाद अब अजमेर स्थित सुल्तानुल हिंद ख्वाजा गरीब नवाज हजरत मोईनउद्दीन चिश्ती की दरगाह पर पहुंचे। मौलाना तौकीर ने पहले ख्वाजा गरीब नवाज की मजार शरीफ पर चादर पोशी व गुल पोशी की। यहां गद्दीनशीनों ने मौलाना का स्वागत करते हुए शाल ओढ़ाकर दस्तारबंदी किया। इसके बाद गद्दीनशीनों से मुल्क व मुस्लिम मसायल पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही बरेली आने का न्योता भी दिया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। पिछले लगभग दस सालों से अजमेर शरीफ और बरेली शरीफ के बीच विवाद चल रहा था। इस खाई को भी पाटने की कोशिश की गई।
इस चर्चा के दौरान गद्दीनशीन सय्यद सरवर चिश्ती, सय्यद गुलाम किबरिया चिश्ती, अल्लामा सय्यद कामरान चिश्ती, अल्लामा सय्यद मुसव्विर चिश्ती, सय्यद मुनव्वर चिश्ती, सय्यद तौकीर अहमद चिश्ती आदि शामिल रहे। मौलाना तौकीर के साथ जाने वालों में डा. नफीस खां, नदीम खां, हाफिज शराफत, अफजाल बेग, तसव्वर खां मुनीर इदरीसी आदि रहे।
अजमेर शरीफ से बहुत अच्छा रिस्पांस मिला। उन्होंने बहुत इज्जत दी इसके लिए अजमेर शरीफ के जिम्मेदारान के शुक्रगुजार हैं। वहां पर मिल्ली इत्तेहाद पर चर्चा के अलावा बरेलवियों से कुछ शिकायतें थीं। उसमें से कुछ दूर करने की कोशिश की है। बाकी खुले मंच पर की जाएंगी - मौलाना तौकीर रजा खां, प्रमुख आईएमसी बरेली।
मिल्लत परेशानी के दौर से गुजर रही है। इसके लिए मिल्ली इत्तेहाद जरूरी है। लोग अपने-अपने मसलक पर कायम रह कर मिल्लत के नाम पर एक हों। मौलाना तौकीर का अच्छा प्रयास है। - सय्यद सरवर चिश्ती, गद्दीनशीन, ख्वाजा गरीब नवाज, अजमेर।