बरेली। अथक परिश्रम से परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने वाले मेधावियों का नाम जब मंच से पुकारा गया तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया। चेहरे पर खुशी के भाव लिए वह मंच की ओर बढ़े। पदक पाकर उनके चेहरे की चमक और बढ़ गई। जीआईसी ऑडिटोरियम में शनिवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह के इस दृश्य को मेधावियों ने अपने स्मार्टफोन के कैमरे में कैद किया। सभी मेधावी कॅरिअर संबंधी मार्गदर्शन और हौसलों का उपहार लेकर लौटे।
कार्यक्रम के पहले सत्र में कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी, फतेहगंज पश्चिमी स्थित बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स भिटौरा कैंप के डिप्टी कमांडेंट दिनेश सिंह, एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा, उप निदेशक कृषि हिमांशु पांडेय, यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव मुन्ने अली, एएसपी अंजना दहिया ने और दूसरे सत्र में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एएसपी अनुराग आर्य, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र सिंह, आईटीबीपी तृतीय वाहिनी बुखारा कैंप के उपसेनानी मोहित वर्मा, एडीएम वित्त संतोष सिंह, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी, बीएसए डॉ. विनीता, डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक ने मेधावियों को संबोधित किया।
दस किताबें एक बार पढ़ने के बजाय एक किताब दस बार पढ़ें
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने कहा कि खेल हो या पढ़ाई, जितना ज्यादा बार अभ्यास होगा, उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा। दस किताबों को एक बार पढ़ने के बजाय एक किताब को अगर दस बार पढ़ेंगे तो सफलता दर बढ़ती जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि समय का सदुपयोग किया जाए। मोबाइल फोन, टीवी में समय बर्बाद करने से बचें। रास्ते कभी बंद नहीं होते। भविष्य उसी का होगा, जो मेहनत करेगा। वही आगे भी बढ़ेगा।
अनुशासन के बिना लक्ष्य हासिल कर पाना कठिन
बीएसएफ भिटौरा कैंप के डिप्टी कमांडेंट दिनेश सिंह ने कहा कि 10वीं, 12वीं में विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन मिलना और उनका अनुशासित होना जरूरी है। इसलिए विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई, भोजन, सोने-जागने के साथ खेलने का समय तय होना चाहिए। प्रशासनिक, सैन्य, पुलिस सेवा समेत डिजिटल युग में नौकरियों के कई अवसर हैं। जिस भी लक्ष्य को हासिल करना है, उसके लिए परिश्रम भी जरूरी है।
असफलता से घबराएं नहीं, सीख लेकर आगे बढ़ें
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि 12वीं परीक्षा पास करने के बाद प्रत्येक विद्यार्थी का लक्ष्य होना जरूरी है। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए और जो भी खामियां हों उन्हें सुधारते रहना चाहिए। समय प्रबंधन, सकारात्मक विचार के साथ आगे बढ़ें। सोशल मीडिया जैसी रुकावटाें से बचना चाहिए।
दबाव और चुनौतियों के लिए रहें तैयार
उप निदेशक कृषि हिमांशु पांडेय ने कहा कि 12वीं के बेहतर परिणाम से भविष्य तय नहीं होता। असली संघर्ष अब शुरू होगा। स्कूल की पढ़ाई एक सीमित दायरे में होती है, लेकिन डिग्री हासिल करने में दायरा बढ़ जाता है। 40 से 400 और फिर चार लाख अभ्यर्थियों में जगह बनाने के लिए उतने ही उच्च स्तरीय परिश्रम की जरूरत है। नियमित अध्ययन, आत्मविश्लेषण, धैर्य होना बेहद जरूरी है।
दूसरों के सुझाव के बजाय अपना लक्ष्य खुद बनाएं
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव मुन्ने अली ने कहा कि दूसरों की देखा-देखी कॅरिअर चुनना कई बार गलत साबित होता है। अपनी रुचि, क्षमता के अनुसार क्षेत्र का चयन करें। विज्ञान, कला, वाणिज्य, खेल, मीडिया, डिजाइन, तकनीक, उद्यमिता आदि विकल्प हैं। जहां रुचि होगी, वहां मेहनत कम लगेगी पर सफलता की संभावना अधिक होगी। कॅरिअर के चुनाव के दौरान अनुभवी लोगों से सलाह भी लें।
समय प्रबंधन के बगैर लक्ष्य मिलना कठिन
एएसपी अंजना दहिया ने कहा कि समय प्रबंधन के बिना सफलता मुमकिन नहीं। इसलिए रोज का टाइम टेबल बनाकर उसी अनुसार तैयारी करें। फोन का प्रयोग जरूरत के अनुसार ही करें। पर्याप्त नींद और स्वस्थ दिनचर्या भी पढ़ाई की क्षमता बढ़ाती है। विद्यार्थियों को कोई भी निर्णय सोच समझकर लेना चाहिए, क्योंकि क्रमवार जो भी कार्य किया जाए, वह आदत बन जाता है। सफलता को आदत बनाने के लिए सही कदम जरूरी है।
खुद पर भरोसा और सकारात्मक सोच जरूरी
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अहमद ने कहा कि कॅरिअर निर्माण में आत्मविश्वास की बड़ी भूमिका है। कई बार विद्यार्थी असफलता या दूसरों से तुलना के कारण तनाव में आ जाते हैं। ऐसे समय में सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है। अपनी क्षमता पर भरोसा रखें और कमजोरियों को सुधारें। माता-पिता व शिक्षकों से परामर्श लें। इंटरव्यू, भाषण, समूह चर्चा में प्रतिभाग करें। तभी कठिन परिस्थितियों में बेहतर निर्णय ले सकेंगे।